आयरलैंड और इंग्लैंड के लिए घोषित वनडे और टी-20 टीम में शामिल कुछ अन्य खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट 15 और 16 जून को होना है। इसके पहले अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जाने वाले ऐतिहासिक टेस्ट मैच के लिए टीम में शामिल भारतीय खिलाड़ियों का भी यो-यो टेस्ट हुआ था, हालांकि उस टेस्ट में सभी खिलाड़ियों को सफलता ही हाथ लगी थी।
बता दें कि हाल ही में खत्म हुए IPL के 11वें सीजन में संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स ने 8 करोड़ रुपए की भारीभरकम कीमत चुकाकर अपनी टीम में लिया थाा। उनका बल्ला भी जमकर बोला। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए संजू ने 15 पारियों में 441 रन बनाए। आरसीबी के खिलाफ एक मैच में संजू ने केवल 45 गेंदों में ही 92 रन बना डाले थे। इस दौरान उन्होंने अपनी पारी में महज 2 चौके और 10 गगनचुंबी छक्को का सहार लिया।
फुटबाल,रग्बी जैसे खेलों में जहां दमखम की अपेक्षाकृत ज्यादा जरूरत पड़ती है, ऐसे खेलों में यह टेस्ट पहले से होता आ रहा है। यो-यो टेस्ट में कई ‘कोन्स’ की मदद से 20 मीटर की दूरी पर दो पंक्तियां बनाई जाती हैं। खिलाड़ी रेखा के पीछे अपना पांव रखकर शुरुआत करता है और निर्देश मिलते ही दौड़ना शुरू करता है। 20 मीटर की दूरी पर बनी दो पंक्तियों के बीच लगातार दौड़ना होता है और जब बीप बजती है तो मुड़ना होता है।
हर एक मिनट या तय किए गए समय में खिलाड़ी को अपने दौड़ने की गति को तेज करना होता है। अगर वह समय पर रेखा तक नहीं पहुंचे तो दो और ‘बीप’ के बाद उसे तेजी पकड़नी पड़ती है। अगर इसके बाद भी खिलाड़ी दो छोरों पर मानकों के मुताबिक तेजी हासिल नहीं कर पाता तो उसका परीक्षण रोक दिया जाता है। ये पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर पर आधारित होती है, जिसमें नतीजे रिकॉर्ड किए जाते हैं। यो-यो टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर सबसे आगे माने जाते हैं। इस टेस्ट में उनका औसतन स्कोर 21 होता है।
श्रेयस अय्यर (कप्तान), पृथ्वी शॉ, मयंक अग्रवाल, शुभमान गिल, हनुमा विहारी, दीपक हुड्डा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), विजय शंकर, के. गौतम, अक्षर पटेल, क्रुणाल पंड्या, प्रसिद्ध कृष्ण, दीपक चाहर, खलील अहमद, शार्दुल ठाकुर