दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, उनकी एक टीम इस मामले में स्टैंडबाई पर रखी गई है। यह टीम ब्रिटेन में चावला के प्रत्यर्पण से जुड़ी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही टीम चावला को लाने के लिए रवाना हो जाएगी।
28 साल पुरानी संधि में होगा पहला हाई प्रोफाइल प्रत्यर्पण
भारत और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि पर वर्ष 1992 में हस्ताक्षर किए गए थे। चावला का भारत प्रत्यर्पण होने की स्थिति में यह इस संधि के तहत 28 साल में पहला हाई प्रोफाइल प्रत्यर्पण होगा। साथ ही चावला के प्रत्यर्पण से अलग-अलग बैंक घोटालों में भगोड़े घोषित शराब किंग विजय माल्या और डायमंड कारोबारी नीरव मोदी को भी भारत वापस लाने के आसार बढ़ जाएंगे। इन दोनों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी ब्रिटिश अदालतों में लंबित है।