बेन स्टोक्स, संजय मांजरेकर और ऋषभ पंत
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भारत और इंग्लैंड के बीच एक जुलाई से एजबेस्टन में एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के लिए टीम इंडिया ने तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय टीम लीसेस्टशायर के खिलाफ चार दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेल रही है। भारत और इंग्लैंड के बीच मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी/WTC) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
एजबेस्टन टेस्ट पिछले साल अगस्त-सितंबर में हुई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का हिस्सा है। चार टेस्ट के बाद पांचवें टेस्ट को कोरोना की वजह से स्थगित कर दिया गया था। यही मैच अब कराया जा रहा है। भारतीय टीम अगर एजबेस्टन में जीत हासिल करती है तो सीरीज 3-1 से अपने नाम करेगी। टेस्ट ड्रॉ होने की स्थिति में भी सीरीज 2-1 से टीम इंडिया के नाम होगी। इंग्लैंड जीता तो सीरीज 2-2 की बराबरी पर आ जाएगा।
इस टेस्ट की तैयारियों को लेकर पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने एक टीवी चैनल से बातचीत की। इस इंटरव्यू में उन्होंने भारतीय टीम के एक्स फैक्टर का नाम लिया है। मांजरेकर ने कहा- मुझे पता है कि रोहित शर्मा टॉप में बल्लेबाजी करते हैं और विराट कोहली समेत कई और दिग्गज बल्लेबाज भी टीम में हैं। टीम के पास चेतेश्वर पुजारा का क्लास, शमी और बुमराह की धारदार गेंदबाजी है। ये दोनों अपनी गेंदबाजी से कोई भी मैच पलट सकते हैं।
मांजरेकर ने कहा- मुझे लगता है कि ऋषभ पंत टीम इंडिया के एक्स फैक्टर होंगे। उन्होंने अब तक अपने छोटे से करियर में टेस्ट में तीन महान पारियां खेली हैं और वह भी अलग-अलग परिस्थितियों में और अलग-अलग टीमों के खिलाफ। इसलिए वह इंग्लैंड के बेन स्टोक्स की तरह हैं। अगर भारत के एक खिलाड़ी को चुनना हो तो वह पंत ही होंगे। अगर इंग्लैंड के पास स्टोक्स है तो भारत के पास पंत हैं।
भारत के लिए 37 टेस्ट और 74 वनडे खेलने वाले मांजरेकर को विश्वास है कि टी-20 में खराब फॉर्म के बावजूद टेस्ट में पंत और कई बड़ी पारियां खेल सकते हैं। मांजरेकर ने कहा- इन दोनों फॉर्मेट में काफी अंतर है। अभी तक हमने देखा है कि पंत टेस्ट में शानदार रहे हैं। टेस्ट के स्तर पर वह कई बार शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। हालांकि, सीमित ओवर के क्रिकेट में पंत का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा है। इसलिए हम टेस्ट और वनडे-टी20 में पंत की तुलना नहीं कर सकते।
मांजरेकर ने कहा- पंत टेस्ट क्रिकेट में अपना प्रभाव डाल सकते हैं, क्योंकि वह चीजों के बारे में बहुत अलग तरीके से सोचते हैं। उन पर कभी भी दबाव नहीं डाला जाता है कि तुम आओ और तुरंत बड़े-बड़े शॉट लगाने लगो। आगे ऐसे मौके भी आएंगे जब वह 20 डॉट बॉल खेलेंगे और फिर अचानक से लगातार तीन छक्के भी लगा देंगे। इसलिए मुझे लगता है कि टेस्ट फॉर्मेट ऋषभ पंत को थोड़ा अधिक कल्पनाशील होने की अनुमति देता है। वह अपना समय ले सकते हैं और तय कर सकते हैं कि उन्हें कब हिट करना है और किस वक्त या पल में हिट करना है।
मांजरेकर ने कहा, 'मुझे लगता है कि वह टेस्ट क्रिकेट का काफी आनंद भी ले रहे हैं। सीमित ओवर के क्रिकेट में जो कुछ भी पंत के साथ हो रहा, मुझे नहीं लगता कि टेस्ट स्तर पर इससे उनके प्रदर्शन पर कोई असर पड़ेगा। हमने इसे पिछले दो तीन सालों में ऐसा देखा है।' भारतीय टीम के पास इतिहास रचने का मौका होगा। टीम इससे पहले इंग्लैंड में 1971, 1986 और 2007 में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज जीती थी। अब जीत दिलाने की जिम्मेदारी कप्तान रोहित शर्मा के कंधों पर होगी।