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क्रिकेट के 'भगवान' का ऐलान, 2 टेस्ट बाद टांग देंगे बल्ला

Thu, 10 Oct 2013 05:55 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने ऐलान कर दिया है कि वह 200वां टेस्ट मैच खेलकर अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगा देंगे।
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तेंदुलकर ने पिछले साल ही वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उन्होंने पिछले हफ्ते ही मुंबई अपना अंतिम टी-20 मैच खेला था।

मास्टर ब्लास्टर अगले महीने वेस्ट इंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में दो सौ टेस्ट मैच खेलने का इतिहास रचेंगे। अभी वह 198 टेस्ट मैच खेल चुके हैं।

तेंदुलकर ने आज बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन से मुलाकात की और उन्होंने बोर्ड से कहा कि उनके संन्यास लेने की जानकारी मीडिया को देने की बात कही।

बीसीसीआई ने तेंदुलकर के लिए ही पिछले महीने आनन-फानन में वेस्ट इंडीज को टेस्ट सीरीज खेलने के लिए आमंत्रित किया था। वह 200वां टेस्ट मैच कहां खेलेंगे यह अभी तय नहीं हो सका है लेकिन पूरी संभावना है कि यह मैच मुंबई में खेला जाए।
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सचिन तेंदुलकर ने अपने भविष्य के बारे में बताते हुए कहा कि मेरे जीवन में क्रिकेट के बिना सोचना मुमकिन नहीं है क्योंकि मैं 11 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहा हूं।

उन्होंने कहा, "मैंने पूरी जिंदगी भारत के लिए खेलने का सपना देखा और मैंने 24 साल तक लगातार क्रिकेट खेला।"

उन्होंने कहा, "मैं इतने साल से सब कुछ देने के लिए बीसीसीआई का शुक्रिया अदा करता हूं। जब मेरे दिल ने जाने के लिए कहा, तो मुझे जाने देने के लिए भी बोर्ड का धन्यवाद। सबसे ज्यादा शुक्रिया मेरे प्रशंसकों और चाहने वालों का, जिन्होंने अपनी दुआओं और प्रार्थनाओं से मुझे हर बार मैदान पर जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने लायक बनाया।"

श्रीनिवासन का बयान
इस मौके पर बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन, "सचिन तेंदुलकर जब चेन्नई में बुची बाबू टूर्नामेंट के लिए खेलने आए थे मैं तब से ही सचिन तेंदुलकर का प्रशंसक रहा हूं। इसमें कोई शक नहीं कि वह भारत के सबसे बेहतरीन क्रिकेटर रहे हैं। बल्कि ये कहना भी गलत नहीं होगा कि दुनिया भर में जो बेहतरीन क्रिकेटर हुए हैं उनमें से सचिन तेंदुलकर शीर्ष पर आते हैं। किसी ने भी सचिन तेंदुलकर जितनी भारतीय क्रिकेट की सेवा नहीं की है।"
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श्रीनिवासन के मुताबिक, "वह भारत और भारतीय क्रिकेट के दूत रहे हैं। वह कई पीढ़ियों तक खिलाड़ियों की प्रेरणा के स्रोत रहे हैं और उनमें सिर्फ क्रिकेटर ही नहीं थे। हम संन्यास के उनके फैसले का स्वागत करते हैं हालांकि हममें से बहुत से लोगों के लिए सचिन के बिना भारतीय क्रिकेट की कल्पना करना भी मुश्किल है।"
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