फर्जी एनकाउंटर मामले में जेल में बंद पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा का अपने गुरू आसाराम बापू से मिलन हो सकता है।
नाबालिग से रेप मामले में आसाराम बापू इस समय जोधपुर की जेल में बंद हैं। सूरत की दो बहनों के रेप के आरोपों के बाद अहमदाबाद पुलिस उनसे पूछताछ करना चाहती है।
इसके लिए पुलिस को गांधीनगर के एक कोर्ट से आसाराम का ट्रांसफर वॉरन्ट भी मिल चुका है। अब आसाराम को साबरमती जेल लाया जाएगा। यहीं पर डीजी वंजारा पिछले साल से कैद हैं।
वंजारा का आसाराम से खास रिश्ता रहा है। वह आसाराम को अपना अध्यात्मिक गुरू मानते हैं। यहां तक कि वंजारा ने जेल के अपने कमरे में आसाराम का फोटो भी लगा रखा है। अब गुरू और शिष्य का आमना सामना साबरमती जेल में हो सकता है।
आसाराम की गिरफ्तारी से दुखी
आईपीएस अधिकारी वंजारा के आसाराम की गिरफ्तार पर दुखी होने की बात भी सामने आई थीं। यहां तक कि वंजारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के भाजपा नेताओं को आसाराम का समर्थन करने से रोकने पर भी वह खफा थे।
इसके अगले ही दिन गुजरात सरकार के नाम उनका एक पत्र भी सामने आया था, जिसमें मोदी को फर्जी एनकाउंटर का सच सामने लाने की धमकी दी गई थी। वंजारा ने कुछ दिन पहले अपने एक करीबी से कहा भी था कि मेरा भगवान (मोदी) मेरे गुरु (आसाराम) को नहीं बचा पाया, तो वह मुझे कैसे बचाएगा।
वंजारा का आसाराम बापू पर विश्वास जगजाहिर है। उनके साथ काम कर चुके एक कॉन्सटेबल अमरसिंह वंजारा ने सीबीआई को बताया कि वह दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वंजारा के लिए आसाराम के मोटेरा आश्रम से दूध लेने भी गया था। वंजारा इसे गुरू का प्रसाद मानते थे। उन्होंने फोन की स्क्रीन पर भी आसाराम की फोटो लगाई थी।
साल 2004 के इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर मामले में सीबीआई ने भी अपनी चार्जशीट में वंजारा और आसाराम में संबंध होने की बात कही थी।