सचिन तेंदुलकर की विदाई से पूर्व जहां कांदिवली ग्राउंड का नाम बदल दिया गया वहीं धर्मशाला के स्टेडियम परिसर में एक म्यूजियम बनाया जाएगा।
सचिन तेंदुलकर को सम्मान देने के क्रम में एक कदम आगे बढ़ते हुए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) ने उन्हें समर्पित करते हुए धर्मशाला स्थित स्टेडियम परिसर में ही एक म्यूजियम बनाने का फैसला किया है।
एचपीसीए ने एक विज्ञप्ति के जरिये इसकी जानकारी देते हुए कहा, "हमें यह बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि एचपीसीए सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का जश्न धर्मशाला में उन्हें एक म्यूजियम समर्पित कर मनाएगा। भारत के इस महान सपूत के लिए, जो भारत सहित पूरे देश के प्रेरणास्रोत हैं के लिए क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से समर्पित यह एक छोटा सा उपहार है।"
एमसीए ने किया सम्मानित
14 नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने करियर का 200वां और अंतिम टेस्ट मैच खेलने जा रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) ने सोमवार को यहां आयोजित एक शानदार समारोह में सम्मानित किया।
इस बीच सचिन जब स्टेज के ऊपर चढ़े तो वहां मौजूद सभी लोगों के अलावा भारतीय क्रिकेट टीम और वेस्टइंडीज टीम के खिलाड़ियों ने जोरदार तालियों से इस महान बल्लेबाज का स्वागत किया।
इस दौरान बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और एमसीए के वर्तमान अध्यक्ष शरद पवार के अलावा मुंबई के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चाव्हाण भी मौजूद थे। सचिन एमसीए के इस सम्मान से बेहद गदगद दिखाई दिए।
कांदिवली ग्राउंड का नाम बदला
इस दौरान एमसीए ने सचिन के सम्मान में जिमखाना कांदिवली ग्राउंड का नाम इस महान बल्लेबाज के नाम पर करने का फैसला किया।
40 वर्षीय सचिन ने कहा, "मैं सिर्फ इस शाम के लिए नहीं बल्कि पिछले 24 सालों के लिए आप सभी लोगों की सराहना करता हूं। । अंदर आते हुए एमसीए क्लब के गेट पर जब मैंने अपना नाम पढ़ा तो मैंने विशेष महसूस किया। मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। यह एक शानदार अनुभव था। मैंने एमसीए का इस सम्मान के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।"
इस दौरान सचिन ने जिमखाना क्लब की चर्चा करते हुए कहा, "मैंने जब भी चाहा, एमसीए ने मुझे नेट्स उपलब्ध कराया और मैं इसके लिए एमसीए का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मुझे ऐसा करने के लिए सिर्फ एक फोन करने की जरूरत होती थी। मुझे हमेशा अच्छी विकेट मिलीं और इससे मैं खुद को तैयार कर सका। भारत के लिए खेलना सचमुच यादगार रहा। मेरे विचार से प्रत्येक कदम अलग था और प्रत्येक दौरे के लिए अलग तरह की तैयारी की जरूरत होती थी।"
इस बीच सचिन ने कहा कि जिस तरह की सुविधाएं एमसीए उपलब्ध करवा रहा है उससे युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। सचिन ने कहा, "हमारे देश में खेलों का कल्चर लगातार विकसित होना बेहद जरूरी है और यह सही मार्गदर्शन, कोचिंग और सही सुविधाओं से ही मुमकिन हो सकता है। आने वाली पीढ़ी के लिए यहां यह सबकुछ होना चाहिए।"
इस अवसर पर मौजूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, "‘सचिन एक महान भारतीय, एक महान खिलाड़ी और एक महान हीरो हैं। उन्होंने सालों तक भारत को खेलों में खुशी दी है। उनके न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में प्रशंसक हैं। मुझे पूरा यकीन है कि टेस्ट क्रिकेट को उनकी कमी खलेगी।"
एमसीए के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, "संन्यास के बाद भी सचिन करोड़ों लोगों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। सचिन एमसीए के लिए हमेशा एक अनमोल गहना रहे हैं। वह न सिर्फ क्रिकेट बल्कि पूरी खेल बिरादरी के एक महान एबेंसडर रहे हैं। हमें सचिन की कमी हमेशा खलती रहेगी।"