रिकार्डों के बादशाह सचिन का लकी नंबर ही प्रशंसकों के लिए अनलकी साबित हो गया है। सचिन के संन्यास के पीछे उसी लकी नंबर का हाथ है, जिसने उन्हें सफलता के पायदान पर चढ़ाया।
दरअसल सचिन को सफलता के पायदान पर पहुंचाने और संन्यास की घोषणा कराने के पीछे '24' का आकड़ा है।
आपको बताते है कैसे! दरअसल सचिन रमेश तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को हुआ था। अंक ज्योतिष की माने तो सचिन के जन्म की तारीख ही उनका लकी नंबर है।
सचिन के आंकड़े इस बात की पुष्टि भी कर रहे हैं। जानने योग्य बात ये है कि सचिन तेंदुलकर की शादी अपने से छह साल बड़ी अंजलि से 24 मई 1995 को हुई थी।
इसके अलावा वन डे मे दोहरा शतक जडऩे का कीर्तिमान सचिन ने 24 मार्च को बनाया था।
इससे पहले अपने स्कूल के दिनो मे विनोद कांबली के साथ स्कूल क्रिकेट मे 664 रन का रिकॉर्ड बनाकर सचिन सबसे पहले 24 फरवरी को ही लाइमलाइट मे आए थे।
हैरान करने वाली बात ये है कि 15 नवंबर 1989 से अपना अतर्राष्ट्रीय करियर शुरू करने वाले सचिन तेंदुलकर ने 24 साल ही भारतीय क्रिकेट के केंद्र-बिंदु मे रहकर विपक्षी टीम के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ी है।
अक्को गुरु गद्दी के प. दिनेश गुरु बताते है कि अंक 2 मंगल और 4 शुक्र का परिचायक है।
मंगल कर्म मे तेजी लाता है और शुक्र राजयोग दिलाता है। इसी अंक का प्रताप है कि सचिन ने विश्व मे ख्याति पाई। अब शुक्र के दबाव मे ही सचिन ने संन्यास की बात कही है।
चूंकि 24 तारीख मे जन्म लेने वाले लोग बिना किसी विवाद के निर्णय लेते है। निर्णय की खासियत ये होती है कि वह ख्याति दिलाता है। इसीलिए सचिन के संन्यास को लेकर देशभर मे शोर मच रहा है।
ये है अंक ज्योतिष का गणित
जिन लोगों का जन्मांक 6 होता है वह अन्य जन्मांक वाले लोगों की तुलना मे ज्यादा लकी होते है।
सचिन के जन्म की तारीख 24 का योग भी छह है। ऐसे लोगो को जीवन मे यश और धन की प्राप्ति होती है।
ऐसे लोग बिना किसी विवाद के निर्णय लेते है। उनके अदर हमेशा कुछ पाने की लालसा रहती है। यह लोग खासकर भौतिक सुख की तरफ ज्यादा आकर्षित होते है। सचिन के करियर मे जन्मांक का महत्व साफ है।