भारत के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर को अंतिम श्रद्धांजलि दी। लंबे समय तक बीमार रहने के बाद छह फरवरी की सुबह लता जी का निधन हो गया। सचिन मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे, जहां महान गायिका ने अंतिम सांस ली। सचिन लता मंगेशकर को अपनी मां का दर्जा देते थे। उनके और लता के संबंधों की कई कहानियां चर्चित हैं।
सचिन ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक जाहिर करते हुए ट्विटर पर लिखा "मैं लता दीदी के जीवन का हिस्सा बनने के लिए खुद को भाग्यशाली मानता हूं। उन्होंने हमेशा मुझे प्यार और आशीर्वाद दिया। उनके जाने से मेरा भी एक हिस्सा खोया हुआ महसूस होता है। वह हमेशा अपने संगीत के माध्यम से हमारे दिलों में जीवित रहेंगी।"
सचिन के जन्मदिन पर उनसे नहीं मिल पाती थीं लता मंगेशकर
सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न मिलने से बहुत पहले, लता जी हमेशा सार्वजनिक रूप से कहती थी कि वह इसके हकदार हैं। 24 अप्रैल को सचिन का जन्मदिन होता है और इसी दिन लता जी के पिता की पुण्यतिथि होती है। इस वजह से लता जी सचिन के इस खास दिन पर उनसे नहीं मिल पाती थीं और उन्हें इसका पछतावा भी था। 2018 आईपीएल का फाइनल मुंबई में आयोजित किया गया था लेकिन सचिन स्टेडियम से गायब थे। बाद में, उन्होंने एक ट्वीट में खुलासा किया था कि उन्होंने और उनकी पत्नी अंजलि ने लता जी के साथ उनके घर पर यह मैच देखा था।
लता मंगेशकर की याद में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोक मनाया जाएगा। राष्ट्रीय ध्वज भी सम्मान के प्रतीक के रूप में दो दिनों के लिए आधा झुका रहेगा। लता जी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लता मंगेशकर का इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समदानी ने कहा, "बहुत दुख के साथ हम यह सूचना दे रहे हैं कि लता मंगेशकर का निधन सुबह 8:12 बजे हो गया। कोरोना से ठीक होने के बाद वो 28 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहीं। इसके बाद उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।"
एक हजार से अधिक फिल्मों के लिए गाने गाए
लता मंगेशकर एक भारतीय पार्श्व गायिका और सामयिक संगीतकार थीं और अपनी मधुर आवाज के लिए उन्हें "भारत की कोकिला" के रूप में जाना जाता था। 28 सितंबर, 1929 को जन्मी लता ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1942 में 13 साल की उम्र में की थी। सात दशकों से अधिक के करियर में, उन्होंने एक हजार से अधिक हिंदी फिल्मों के लिए गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने छत्तीस से अधिक भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में गाने गाए।
2001 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। लता एमएस सुब्बुलक्ष्मी के बाद यह सम्मान प्राप्त करने वाली दूसरी गायिका हैं। अपने करियर में उन्होंने तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता। 'ऐ मेरे वतन के लोगन', 'बाबुल प्यारे', लग जा गले से फिर 'उनके कुछ सबसे लोकप्रिय गीत हैं। मंगेशकर के चार छोटे भाई-बहन हैं- आशा भोंसले, हृदयनाथ मंगेशकर, उषा मंगेशकर और मीना मंगेशकर।