भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने मंगलवार को कहा कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को राज्यसभा सांसद मनोनीत किए जाने की सिफारिश कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की थी।
शुक्ला ने इंडिया टुडे के कार्यक्रम, सलाम सचिन में यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि सचिन को सांसद बनाने का आइडिया मेरा नहीं था। हम लोग तो सीनियर खिलाडियों रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर के नाम की सिफारिश कर रहे थे। लेकिन सोनिया गांधी ने कहा सचिन को तैयार करो। मैंने कहा कि अभी खेल रहे हैं. वो कैसे आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बात तो करो।
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उन्होंने कहा कि उस समय सचिन बांग्लादेश में खेल रहे थे। मैंने उनसे बात की। सचिन बोले कि पहले परिवार से बात कर लूं। तभी मुझे दस फीसदी संभावना लग रही थी। दूसरे दिन उन्होंने फोन किया कि परिवार इसके खिलाफ नहीं है। मैंने सोनिया गांधी को बताया। सोनिया गांधी ने सचिन से बात की और फिर बात आगे बढ गई।
सचिन को भारत रत्न देने की मांग पर शुक्ला ने कहा कि भारत रत्न की मांग दो तीन साल से हो रही है। सचिन अभी तक खेल रहे थे। अब रिटायर हो जाएंगे तो निशिचत रूप से कोशिश होगी। मंत्रिमंडल में इस पर विचार-विमर्श होगा।
शराब, सिगरेट और राजनीति से तौबा
14 नवंबर से मुंबई में अपना आखिरी मैच खेलने जा रहे सचिन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सचिन ने अपने पिता को तीन वचन दिए थे। पहला कभी शराब नहीं पिएंगे। दूसरा सिगरेट नहीं पिएंगे और तीसरा कभी राजनीति में नहीं आएंगे। सचिन किसी पार्टी को ज्वाइन करके राजनीति में आएंगे, मुझे ऐसा नहीं लगता।
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शुक्ला ने कहा कि सचिन जितना फोकस्ड प्लेयर मैंने कभी नहीं देखा। मैच से दो-दो दिन पहले से वो लोगों से मिलना जुलना बंद कर देते थे। फोन बंद कर देते थे। पूरा फोकस मैच पर होता था। मैच खत्म हो जाए तो कुछ भी बात करो। सचिन कहते थे कि जिस खिलाडी ने गेम को धोखा दिया, वो लंबा नहीं चलेगा। तभी तो सचिन 24 साल तक चले। हालांकि व्यक्तिगत तौर पर मैं चाहता था कि सचिन 25 साल तक क्रिकेट खेलकर रिटायर हों।
क्रिकेट खेलते हुए मुझे मेरी मां देखे
सचिन के रिटायरमेंट के सवाल पर शुक्ला ने कहा कि सचिन कहते थे कि जब मुझे आभास होगा, तभी रिटायरमेंट लूंगा। साउथ अफ्रीका के दौरे के लिए उन्होंने मुझे फोन करके कहा कि मुझे 200 टिकटें चाहिए, तब लगा कि केपटाउन में वो संन्यास लेंगे।
फिर कुछ दिन बाद फोन आया कि अब मैं संन्यास लूंगा। अपने घर डिनर पर उन्होंने बताया कि मेरे साथ सब कुछ अचानक होता है। सचिन ने कहा कि एक ही रिक्वेस्ट है कि 200वां टेस्ट मुंबई में हो क्योंकि मैं चाहता हूं कि मेरा आखिरी टेस्ट देखने मेरी मां भी पहुंचे। मेरी मां ने कभी मुझे खेलते हुए देखा है।
...और गांगुली की तस्वीर अमर हो गई
लार्ड्स में सौरव गांगुली के टी शर्ट उतारने की कहानी बताते हुए शुक्ला ने कहा कि क्रिकेट में टोटके में बहुत विश्वास होता है। हम लोग बैठे थे बालकनी में। पांच विकेट गिर गए तो लगा कि हार जाएंगे। इंडियन क्राउड चला गया था। लेकिन कैफ और युवराज ने पारी आगे बढाई।
सौरव ने कहा कि अगर जीत गए तो सभी टीशर्ट उतारकर लहराएंगे। हम जीत की तरफ बढ रहे थे। सचिन ने आकर मेरे कान में कहा कि सबको नहीं करना है। उसे करने दो। क्रिकेट जेंटलमैन गेम है। सब करेंगे तो अच्छा नहीं लगेगा। फिर जीत के बाद सौरव ने टी शर्ट लहराई और वो तस्वीर अमर हो गई।