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सचिन की खराब फार्म पर उलझे दिग्गज

Wed, 27 Mar 2013 12:23 AM IST
नई दिल्ली/स्पोर्ट्स डेस्क
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आस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 4-0 से मिली जीत भारतीय टीम के लिए एक ऐतिहासिक पल था।
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युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बूते मिली इस जीत से साफ हो गया कि टीम इंडिया का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। मुरली विजय, शिखर धवन, विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा जैसे युवाओं ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और खूब रन बटोरे। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का बल्ला भी खूब चला।

लेकिन इन सबके बीच टीम के सबसे सीनियर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की खराब फार्म चिंता का विषय रही। इस सीरीज में सचिन सिर्फ एक पचासा बना पाए और उनका इसी प्रदर्शन पर उनके आलोचकों ने इस दिग्गज बल्लेबाज पर सवालिया निशान लगाने शुरू कर दिए। हालांकि सचिन के संन्यास और खराब फार्म पर क्रिकेट पंडितों में अलग-अलग राय है।
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39 वर्षीय सचिन के बचाव में सबसे पहले बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन उतरे। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि सचिन के संन्यास का अभी सवाल ही नहीं उठता और वह टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं।

वहीं, सचिन के बचपन के दोस्त और पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली का कहना है कि सचिन के रिफलेक्शन कमजोर हुए हैं। लिहाजा वह पहले जैसे सफल नहीं हो रहे हैं। पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर ने कहा कि सचिन में फुर्ती तो पहले जैसे है लेकिन उनके आत्मविश्वास में कमी आई है।

पूर्व क्रिकेटर अशोक मल्होत्रा का कहना कि सचिन में अब भी दमखम बचा है सिर्फ उन्हें अपने फुटवर्क पर काम करना चाहिए। पूर्व स्पिनर प्रसन्ना ने कहा कि यदि सचिन बैटिंग ऑर्डर में धोनी के बाद आए तो यह उनके लिए अच्छा रहेगा।

पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि फिटनेस बढ़िया है। बस एक लंबी पारी की दरकार है। आस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर और सचिन के अच्छे दोस्तों में से एक शेन वार्न ने कहा कि सचिन अर्धशतक तो लगा रहे हैं लेकिन शतक क्यों नहीं लगा रहे हैं यह कोच को देखना है।

दो साल में एक भी शतक नहीं
शतकों का शतक लगाने वाले सचिन पिछले दो साल से एक शतक लगाने के लिए तरस गए हैं। हालांकि इन दो सालों में वह शतक लगाने के करीब पहुंचे लेकिन दुर्भाग्य से नर्वस नाइंटीज का शिकार हो गए। सचिन 18 से 22 अगस्त 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए ओवल टेस्ट में 91 की निजी स्कोर पर जबकि 22 से 26 नवंबर के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्ट इंडीज के खिलाफ 94 रन पर आउट हुए।

दर्शकों के प्यार में नहीं आई कमी
सचिन का बल्ला भले ही रन नहीं उगल रहा हो लेकिन दर्शकों के दिल में आज भी इस दिग्गज बल्लेबाज के प्रति सम्मान कम नहीं हुआ है। आस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में फिरोजशाह कोटला मैदान में सचिन के प्रति दर्शकों की दीवानगी साफ देखी जा सकती थी।

दीवानगी की हद तो तब पार हो गई जब 155 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम जीत के करीब पहुंच रही थी तो दर्शक शतकीय साझेदारी निभा चुके विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा में से किसी एक के आउट होने की दुआ मांगने लगे। जब कोहली आउट हुए तो जितनी खुशी आस्ट्रेलियाई टीम को नहीं हुई होगी उससे ज्यादा खुशी दर्शकों को हुई क्योंकि अब सचिन बल्लेबाजी के लिए उतरने वाले थे।
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ऐसा दृश्य सिर्फ भारत में ही देखने को मिल सकता है। सचिन जब मैदान पर बल्लेबाजी के लिए उतरे तो सभी दर्शकों ने खड़े होकर जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया। भले ही सचिन सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए हो लेकिन जब वह पेवेलियन लौट रहे थे तब भी दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया।

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