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श्रीसंत बोले, 'बेटी को गूगल पर मैं आतंकी नहीं क्रिकेटर ही दिखूंगा'

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आईपीएल 2013 में सट्टेबाजी में फंसे राजस्थान रॉयल्स टीम के पेसर शांताकुमारन श्रीसंत ने शनिवार को दिल्ली की एक कोर्ट द्वारा आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग से जुड़े सभी मामलों से आरोप मुक्त किए जाने के बाद कहा कि वह चाहते थे कि उनकी बेटी बड़ी होकर जब गूगल में उन्हें ढूढ़े तो वह उन्हें बतौर क्रिकेटर के रूप में जाने न कि एक आतंकवादी के रूप में।
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फैसला सुनते ही श्रीसंत भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा, ‘ मेरी बेटी मेरे जीवन में फरिश्ता बनकर आई है। मेरी बेटी अभी तीन महीने की है। मैं चाहता था कि जब वह बड़ी होकर मुझे जाने तो बतौर क्रिकेटर के रूप में न कि आतंकवादी के रूप में।

श्रीसंत ने आगे कहा कि जब दाऊद के साथ अपनी तस्वीरें फ्लैश होते देखी तो मैं स्तब्ध रह गया। मैं हैरान था कि मैंने ऐसा क्या कर दिया है। भारत की 2007 टी-20 विश्व चैंपियन और 2011 विश्व चैंपियन टीम का हिस्सा रहे श्रीसंत ने कहा कि पिछले दो साल उनके लिए मुश्किल भरे रहे।
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उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता को दो बार हार्ट की सर्जरी हो चुकी है। जब बेटे को तिहाड़ जेल भेजा गया तो उनपर क्या गुजरी होगी। बीसीसीआई ने कहा है कि वह अनुशासन समिति का फैसला नहीं बदलेगी इस पर श्रीसंत ने कहा, ‘मैं जो कुछ भी हूं बीसीसीआई की वजह से हूं। मैं बीसीसीआई के खिलाफ नहीं जाऊंगा। निश्चिततौर पर मेरा मानना है कि वह मेरी सच्चाई देखेंगे। फिलहाल मुझे खुशी है कि मैं कम से कम क्लब मैच खेल सकूंगा।

श्रीसंत के परिवारवालों ने भी दिया बयान

श्रीसंत को कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद उनके परिवार में काफी खुशनुमा माहौल है। उनकी मां सावित्रि देवी ने कहा, "मैं भगवान को वास्तव में धन्यवाद देना चाहती हूं। मैं इसका जिक्र नहीं कर सकती कि उस पर क्या बीती है। आखिर में हमें न्याय मिला।"

इसके अलावा पूर्व भारतीय विकेटकीपर सैयद किरमानी ने कहा, "यह क्रिकेटरों की भावी पीढ़ी के लिए बड़ा सबक है। उदीयमान युवा खिलाड़ियों को इससे सीख लेनी चाहिए।"

सट्टेबाजी में राहत पाने एक और क्रिकेटर अंकित चव्हाण ने कहा, "वो एक मुश्किल वक्त था जो अब निकल गया। इस दौरान परिवार से मिले समर्थन और प्यार ने अहम भूमिका निभाई। मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं अब क्रिकेट के मैदान पर वापसी कर सकूंगा।"

वहीं, सट्टेबाजी का दंश झेल रहे तीसरे क्रिकेटर अजीत चंदीला ने कहा, "ईश्वर और न्यायिक व्यवस्था में मेरा विश्वास है। मुझे विश्वास है कि बीसीसीआई से मुझे दोबारा क्रिकेट के मैदान पर उतरने का मौका मिलेगा। दो साल बाद अब मैं चैन की नींद सो सकूंगा।"
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आईपीएल सट्टेबाजी के दौरान हुआ पूरा घटनाक्रम

16 मई, 2013 -दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत, चंदीला और चव्हाण को गिरफ्तार किया।

28 मई - आईपीएल संचालन परिषद ने जांच के लिए समिति गठित की।

02 जून- बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन ने अपना पद छोड़ा।

4 जून- श्रीसंत, चंदीला और अंकित समेत 26 अभियुक्तों के खिलाफ मकोका लगा।

11 जून - श्रीसंत और चव्हाण को जमानत मिली।

30 जुलाई - दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर की जिसमें कहा गया कि भारत में फिक्सिंग और सट्टेबाजी बाजार पर दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील का नियंत्रण है। दाऊद, छोटा शकील, श्रीसंत, चंदीला समेत 42 को आरोपी बनाया।

09 सितंबर- अजित चंदीला को जमानत मिली।

13 सितंबर- बीसीसीआई ने श्रीसंत, चव्हाण पर आजीवन प्रतिबंध लगाया। चंदीला का मामला बोर्ड की अनुशासन समिति के पास लंबित।

18 नवंबर- दिल्ली पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की।

31 मई, 2014- कोर्ट ने दाऊद व अन्य की संपत्ति कुर्क करने का दिया आदेश।

23 मई, 2015- कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रखा।

25 जुलाई- सभी 36 आरोपियों को रिहा कर दिया गया।
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