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प्रतिबंध खत्म होते ही इस टीम से खेल सकते हैं श्रीसंत, लेकिन पहले साबित करनी होगी फिटनेस

Thu, 18 Jun 2020 03:55 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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श्रीसंत
आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के बाद प्रतिबंध झेल चुके भारतीय क्रिकेटर श्रीसंत दोबारा केरल की रणजी टीम में खेल सकते हैं। केरल क्रिकेट संघ सितंबर में श्रीसंत का प्रतिबंध खत्म होने के बाद रणजी टीम में चयन के लिए उनके नाम पर विचार करने का फैसला किया है। हालांकि श्रीसंत को उससे पहले अपनी फिटनेस साबित करनी होगी।
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श्रीसंत
37 वर्षीय श्रीसंत भारत के लिए अब तक 27 टेस्ट, 53 वन-डे और 10 T-20 मैच में क्रमश: 87, 75 और 7 विकेट ले चुके हैं। श्रीसंत ने कोच्चि में कहा कि, 'मैं केरल क्रिकेट एसोसिएशन का ऋणी हूं कि उन्होंने मुझे एक मौका दिया। मैं अपनी फिटनेस साबित करूंगा ताकि मैदान पर उतर सकूं। हम सारे विवादों को भूलने का वक्त आ गया है।'
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केरल रणजी टीम के नवनियुक्त कोच टीनू योहानन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, 'हम सब उन्हें फिर से खेलते हुए देखना चाहते हैं और हम टीम में उनका स्वागत करेंगे, उन्हें अब कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह पहले ही बहुत कुछ साबित कर चुके हैं। हम उन्हें फिर से समर्थन देंगे ताकि वह फिर से खेल सकें और इसका आनंद ले सकें।'

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एस श्रीसंत
भारत के लिए 3 टेस्ट और 3 वन-डे मैच खेल चुके 41 वर्षीय योहानन ने आगे कहा कि, 'क्रिकेट के मैदान पर वापसी करने के लिए श्रीसंत को हर संभव मदद और समर्थन दिया जाएगा। वह सात साल बाद दोबारा से खेलेंग इसलिए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि क्या होता है।'
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एस श्रीसंत - फोटो : HT
पिछले साल आजीवन प्रतिबंध सात साल की सजा में तब्दील हुई थी

बीसीसीआई ने 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। 2015 में हालांकि दिल्ली की एक विशेष अदालत ने उन पर लगे सभी आरोपों से उन्हें बरी कर दिया था। साल 2018 में केरल उच्च न्यायालय ने बीसीसीआई द्वारा उन पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को खत्म कर दिया था और उनके खिलाफ सभी कार्यवाही को भी रद्द कर दिया था। हालांकि, उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने प्रतिबंध की सजा को बरकरार रखा था। श्रीसंत ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मार्च में उनके अपराध को बरकरार रखा था, लेकिन बीसीसीआई को उनकी सजा कम करने को कहा था और भारतीय बोर्ड ने उनकी आजीवन प्रतिबंध की सजा को घटाकर 7 साल कर दिया था, जोकि इस साल अगस्त में समाप्त हो जाएगा। 
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