आजीवन प्रतिबंध की सजा झेल रहे टीम इंडिया के क्रिकेटर एस श्रीसंत ने उन पर लगे बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बुधवार को श्रीसंत के वकील ने इस मामले से जुड़ी याचिका चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के सामने रखी। सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले पर सुनवाई 5 फरवरी को होगी।
इससे पहले केरला हाईकोर्ट ने श्रीसंत को
बीसीसीआई के दायरे में आने वाली किसी भी क्रिकेट एक्टिविटी में हिस्सा न लेने के आदेश दिए थे। इसके बाद श्रीसंत ने केरला कोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी है। साल 2016 में दिल्ली की एक स्पेशल कोर्ट ने श्रीसंत को आरोपी मानते हुए इस मामले में उन पर सभी चार्ज तय किए थे।
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई इस याचिका में श्रीसंत के वकील ने कहा, 'हाईकोर्ट की सिंगल जज बैंच द्वारा बैन हटाए जाने के बाद श्रीसंत को क्रिकेट खेलने की अनुमित मिलनी चाहिए थी, लेकिन डिविजन बैंच ने बीसीसीआई के फैसले की न्यायिक समीक्षा करने से इनकार कर दिया और उन्हें फिर से क्रिकेट न खेलने के निर्देश दिए।'
गौरतलब है कि साल 2011 की विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा रहे इस तेज गेंदबाज पर
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। साल 2013 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए श्रीसंत मैच फिक्सिंग के आरोप में फंसे थे। इसके बाद बीसीसीआई ने श्रीसंत को आरोपी मानते हुए उन पर बैन लगा दिया था।