भले ही रोहित शर्मा पर उनके फॉर्म को लेकर आलोचना होती हो लेकिन बतौर कप्तान उन्होंने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित कर दी है।
आईपीएल के बाद मुंबई इंडियंस को चैंपियंस लीग ट्वंटी-20 का खिताब दिलाने वाले कप्तान रोहित शर्मा की इस समय खुशी का कोई ठीकाना नहीं है। अपनी सफलता से वह बहुत खुश हैं। मुंबई इंडियंस ने दूसरी बार यह टूर्नामेंट जीता है।
सचिन तेंदुलकर को खिताबी जीत के साथ विदाई दिलाने वाले इस युवा कप्तान का कहना है कि वह क्रिकेट के तीनों फॉरमेट में ओपनिंग करने के लिए तैयार हैं और इस मौके के लिए वह पिछले छह सालों से इंतजार कर रहे हैं।
रोहित शर्मा ने कहा, "आधुनिक क्रिकेट ऐसा है जहां आप खुद को एक स्थान पर नहीं बांध सकते। मैं पिछले छह साल से तीनों फॉरमेट में खेलने के लिए तैयार हूं। उम्मीद है कि मुझे जल्द मौका मिलेगा। मैं टेस्ट क्रिकेट में भी मौका मिलने का इंतजार कर रहा हूं।"
मुंबई के इस बल्लेबाज को अभी भी टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का इंतजार है। फरवरी 2010 में वह टेस्ट टीम में शामिल हुए थे पर अंतिम 11 में जगह नहीं बना सके थे।
आईपीएल-6 के बाद मुंबई को चैंपियंस लीग का खिताब दिलाने वाले रोहित शर्मा ने माना कि उनसे लोगों को काफी उम्मीदें थी।
रोहित शर्मा ने कहा, "यह मेरे लिए आसान नहीं था। लोगों को मेरे से काफी उम्मीदें थी और मुझे लगता है कि मैंने खुद पर अच्छी तरह से काबू रखा।" साथ ही उन्होंने कहा कि वह कभी भी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की खराब फार्म को लेकर चिंतित नहीं हुए।
उन्होंने कहा, "हरभजन एक मैच विनर हैं और मैं कभी उनकी फार्म को लेकर चिंतित नहीं था। वह बड़े मैच के खिलाड़ी हैं और उन्होंने ही फाइनल में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में हमारी वापसी कराई।"