रोहित के नेतृत्व में जीती चैंपियंस ट्रॉफी
चैंपियंस ट्रॉफी से पहले रोहित खराब दौर से गुजर रहे थे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। रोहित को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान सिडनी में खेले गए पांचवें टेस्ट मैच से बाहर रखा गया था जिससे इस प्रारूप में उनके भविष्य को लेकर चर्चा का बाजार गर्म हो गया था। हालांकि, रोहित के नेतृत्व में भारत ने हाल ही में न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था जो उसका पिछले नौ महीने में दूसरा आईसीसी खिताब था। इससे पहले टीम ने 2024 में रोहित की कप्तानी में ही टी20 विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम की थी।
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न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कप्तान के तौर पर फिलहाल एकमात्र पसंद रोहित ही हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में इसे लेकर आम सहमति नहीं बन पा रही है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस भी एक मुद्दा है जिससे युवा भारतीय खिलाड़ियों की अगली पंक्ति में संभावित स्पष्ट नेतृत्वकर्ता का भी अभाव है।
इंग्लैंड दौरे को लेकर फिलहाल फैसला नहीं
सूत्र ने कहा कि राष्ट्रीय चयन समिति ने अभी तक इंग्लैंड सीरीज पर फैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा, चयन समिति को आईपीएल के दौरान छुट्टी मिलती है। जाहिर है सभी मैचों का टेलीविजन पर प्रसारण होने के कारण उन्हें हमेशा यात्रा करने की जरूरत नहीं होती है। जब तक कि उनके पास कोई विशिष्ट रणनीति नहीं हो या वे किसी विशेष खिलाड़ी को करीब से देखना नहीं चाहें, वे यात्रा नहीं करते। इसलिए एक बार जब आईपीएल शुरू हो जाएगा तो इंग्लैंड सीरीज के लिए खाका किसी भी समय तैयार किया जाएगा। लेकिन कोच गौतम गंभीर के दृष्टिकोण का बहुत महत्व होगा।
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गंभीर मौजूदा फॉर्म में भरोसा रखते हैं और अगर इस चीज को ध्यान में रखा जाए तो यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय कप्तान को मुख्य कोच का भरोसा मिलता है या नहीं। गंभीर ने हमेशा ही टीम को सर्वोपरि रखा है और भारतीय क्रिकेट से जुड़े हर व्यक्ति को पता है कि वह टीम हित में विश्वास करते हैं। टीम का हित अगले तीन से चार वर्षों के लिए कोर टेस्ट टीम तैयार करना है। लेकिन किसी भी फैसले पर पहुंचने के लिए मुख्य कोच और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर को सहमत होना चाहिए।