रोहित ने संन्यास की अटकलों को किया था खारिज
चैंपियंस ट्रॉफी में तीसरी बार खिताब जीतने से पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि क्या रोहित का यह आखिरी टूर्नामेंट होगा। घरेलू टेस्ट सीरीज में हार, आस्ट्रेलिया दौरे पर मिली हार के बाद रोहित के फॉर्म और फिटनेस पर सवाल उठे और उनके वजन को लेकर भी काफी बातें हुईं। पिछले साल भारत को टी20 विश्व कप दिलाने वाले रोहित ने हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 76 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। फाइनल के बाद प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह अभी संन्यास लेने नहीं जा रहे।
लाड ने कहा- जब उसने टी20 विश्व कप जीतने के बाद उस प्रारूप से विदा ली तो मुझे पता था कि उसे दो टूर्नामेंट अभी और जीतनी थी। एक विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल और दूसरा वनडे विश्व कप। दुर्भाग्य से इस बार हम डब्ल्यूटीसी फाइनल में नहीं पहुंच सके लेकिन अभी वनडे विश्व कप 2027 में होना है और उसका यह सपना पूरा हो सकता है। 2009 से 2011 तक उसका फॉर्म उतना अच्छा नहीं था जिससे उसे 2011 विश्व कप टीम में जगह नहीं मिली। उसके बाद उसने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाए। टेस्ट में पदार्पण में शतक लगाया। टी20 में रिकॉर्ड बनाया।
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कोच ने सुनाए रोहित के बचपन के किस्से
इस दौरान लाड ने रोहित से जुड़े कुछ पुराने किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि स्कूल मैच के दौरान कैसे हिटमैन ने अंत तक मैच जीतने की उम्मीद बनाई रखी थी। उन्होंने कहा- एक बार मुंबई में एक महत्वपूर्ण स्कूली मैच के दौरान 240 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए हमने चार विकेट 30 रन पर गंवा दिए थे। मैंने उससे कहा कि हमें यह मैच जीतना ही है तो उसका जवाब था कि मुझ पर भरोसा रखिए, हम जीतेंगे। उसने 160 रन बनाये और हम वह मैच जीत गए। एक और किस्सा है जब वह छोटा ही था और मुंबई अंडर 19 के लिए चुना गया था। एक जगह मर्सीडीज पार्किंग में खड़ी थी और उसने मुझसे कहा कि एक दिन मैं यह गाड़ी खरीदूंगा। मैंने उससे कहा कि पता है कि यह कितनी महंगी कार है लेकिन आज उसके पास ऐसी कई कारें हैं। यह बताता है कि उसे शुरू से विश्वास था कि अपनी तकदीर वह खुद लिखेगा।
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