भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सदस्य और आईपीएल टीम मुंबई इंडियन्स के असिस्टेंट कोच रॉबिन सिंह भी टीम इंडिया के कोच और सपोर्ट स्टाफ के विवाद में कूद गए हैं। टीम इंडिया के फील्डिंग कोच रह चुके रॉबिन सिंह ने कहा कि कोच को अपना सपोर्ट स्टाफ चुनने की आजादी होनी चाहिए इसमें कोई बुराई नहीं है। यदि शास्त्री अपना सपोर्ट स्टाफ चुनना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने देना चाहिए। यदि मुझे टीम का हेड कोच चुना जाता तो मैं साथ मैं ऐसे लोग चाहता जिनके साथ काम करने में मैं सहज महसूस कर सकूं।
गौरतलब है कि बीसीसीआई ने सचिन, सौरव और लक्ष्मण वाली सलाहकार समिति को टीम इंडिया का हेड कोच चुनने की जिम्मेदारी दी थी लेकिन उन्होंने इसके साथ जहीर खान और राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का गेंदबाजी और गेंदबाजी कोच भी चुना। जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासनिक समिति ने अपनी सहमति नहीं दी। शास्त्री से मुलाकात के बाज जहीर की जगह भरत अरुण को टीम का नया गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया। ऐसे में विवाद की स्थिति खड़ी हो गई। यह बात भी किसी से छिपी नहीं थी कि शास्त्री भरत को जहीर के साथ गेंदबाजी कोच बनाए रखना चाहते थे क्योंकि जहीर टीम के साथ केवल 150 दिन काम करने पर सहमत थे। ऐसे में जहीर की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए एक फुट टाइम गेंदबाजी कोच की जरूरत थी जिसे भरत ही पूरा कर सकते थे। ऐेस में शास्त्री ने भरत पर ही विश्वास जताया।