भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ खुद की तुलना को लेकर चुप्पी तोड़ी है। पंत ने कहा कि उनका ध्यान अपनी विरासत को तराशने पर है। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने बांग्लादेश के खिलाफ चेन्नई में खेले गए पहले टेस्ट मैच में शानदार शतकीय पारी खेली थी। पंत ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की है।
पंत ने दिसंबर 2022 में कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद लंबे समय बाद टेस्ट प्रारूप में वापसी की है। उन्होंने चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में 39 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में शतक जड़ा जिससे भारत यह मुकाबला 280 रनों से जीतने में सफल रहा। भारत और बांग्लादेश के बीच अब दूसरा टेस्ट मैच 27 सितंबर से कानपुर में खेला जाएगा।
बांग्लादेश के खिलाफ शतक जड़ने के साथ ही पंत ने टेस्ट क्रिकेट में किसी भारतीय विकेटकीपर द्वारा सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में धोनी की बराबरी कर ली थी। पंत का यह टेस्ट का छठा शतक था। पंत ने कहा, यह सीएसके का होम ग्राउंड है। माही भाई ने इस मैदान पर काफी क्रिकेट खेली है, लेकिन मेरे लिए मैंने यह हमेशा से कहा कि मैं सिर्फ अपने को देखता हूं। मैं इस पर ध्यान केंद्रित नहीं करता कि क्या कहा जा रहा है या मेरे आसपास क्या हो रहा है। मैं बस चीजों को आसान रखता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान केंद्रित करता हूं। चेन्नई में माहौल शानदार था और मैंने इसका आनंद लिया।
पंत की तुलना 2018 से उनके डेब्यू करने के बाद से ही धोनी से होती रही है। पंत भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम के लिए एक्स फैक्टर है, लेकिन उनकी विकेटकीपिंग में सुधार हुआ है और वह टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गए हैं।
'टेस्ट में सहज महसूस करता हूं'
पंत ने कहा, यह शतक खास है क्योंकि मुझे चेन्नई में खेलना पसंद है। चोट के बाद मैं तीनों प्रारूप खेलना चाहता था और यह मेरा पहला टेस्ट था। उम्मीद है कि आने वाले दिन और बेहतर होंगे। यह भावनात्मक था, मैं हर मैच में रन बनाना चाहता था जो नहीं हुआ। मैं हालांकि टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि इस प्रारूप में मैं सबसे ज्यादा सहज महसूस करता हूं। मुझे मैदान पर रहने पर किसी अन्य चीज से ज्यादा खुशी होती है।