बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज के परदादा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से 1874 में श्रमिक के रूप में दक्षिण अफ्रीका के डरबन गए थे और वहीं बस गए थे। दाहिने हाथ में ‘ओम नम: शिवाय’ लिखा तांबे का कड़ा पहनने वाले और जल्द ही अयोध्या जाने की तमन्ना रखने वाले दक्षिण अफ्रीका के 34 साल के केशव के लिए धर्म और अध्यात्म कठिन हालात में उनकी ताकत है।
केशव महाराज और ऋषभ पंत ट्रॉफी के साथ
- फोटो : सोशल मीडिया
मैदान पर केशव का होता है खास स्वागत
34 साल के केशव मैदान पर भी कभी अपनी आस्था की अभिव्यक्ति से परहेज नहीं करते हैं और मैदान में उतरने पर डीजे से ‘राम सियाराम’ बजाने को कहते हैं। भारत में वनडे विश्वकप के दौरान नीदरलैंड के खिलाफ मैच में उनके बल्ले पर ‘ओम’ का स्टिकर लगा था और पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई में मैच जीतने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में जीत पर खुशी जाहिर करने वाले संदेश के अंत में लिखा ‘ जय श्री हनुमान।’
अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से वह इतने उत्साहित थे कि उसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया था। उन्होंने कहा,‘ मैं भगवान राम का अनन्य भक्त हूं और वह खास दिन था। इतने बड़े पैमाने पर ऐसा कुछ होना बहुत विशेष था। दुनिया में हर जगह ऐसा नहीं होता और मुझे खुशी है कि यह हुआ।’
केशव महाराज
- फोटो : सोशल मीडिया
'भारत आया तो अयोध्या जरूर जाऊंगा'
एसए 20 में लख्रनऊ सुपर जाइंटस की साथी टीम डरबन सुपर जाइंट्स के कप्तान ने कहा ,‘ मैं जब भी भारत आया और समय रहा तो अयोध्या जरूर जाना चाहूंगा।’ क्रिकेट के बारे में बातचीत में उन्होंने कहा कि खेल के विकास और प्रचार के लिए टी-20 क्रिकेट जरूरी है। उन्होंने कहा,‘ मुझे आईपीएल खेलने का अनुभव नहीं है लेकिन एसए 20 का अनुभव शानदार रहा है। इससे युवा खिलाड़ियों को अच्छा मौका मिल रहा है और दर्शकों को बेहतरीन क्रिकेट देखने को मिल रहा है। मैदान में दर्शक उमड़ रहे हैं।’
केशव महाराज
- फोटो : सोशल मीडिया
'टी-20 विश्व कप में स्पिनर होंगे कारगर'
केशव का मानना है कि वेस्टइंडीज और अमेरिका में होने वाले टी-20 विश्वकप में स्पिनरों की भूमिका अहम होगी। उन्होंने कहा, ‘ विकेट अब बेहतर हो रहे हैं और बाउंड्री छोटी हो रही है। ऐसे में टीम को संतुलन और विविधता के लिए स्पिनर की जरूरत है। उम्मीद है कि टी-20 विश्व कप में स्पिनर अच्छा प्रदर्शन करके आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।
मैं घर पर सारे त्योहार मनाता हूं और सभी को संदेश देता हूं कि जीवन में कोई ना कोई आस्था जरूर होनी चाहिए।’