भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में रविचंद्रन अश्विन ने बल्ले और गेंद से कोई खास योगदान नहीं दिया, लेकिन नियमों को लेकर अपनी सतर्कता के चलते वह चर्चा में बने रहे। सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच बॉक्सिंग डे टेस्ट के तीसरे दिन रविचंद्रन अश्विन ने दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर मार्को यानसेन को चेतावनी दी। यानसेन सुपरस्पोर्ट पार्क में गुरुवारको पहले सत्र में अश्विन के गेंद फेंकने से पहले अपनी क्रीज छोड़कर कुछ ज्यादा ही आगे निकल रहे थे। ऐसे में अश्विन ने उन्हें चेतावनी दी और यानसेन ने इसके बाद ऐसी कोशिश नहीं की।
अश्विन ने दक्षिण अफ्रीकी पारी के 98वें ओवर में अपना रन-अप रोक दिया और नॉन-स्ट्राइकर एंड पर बाहर निकलने के लिए मार्को यानसेन को चेतावनी दी। यानसेन ने पहले सत्र में दक्षिण अफ्रीका के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और डीन एल्गर बखूबी साथ निभाया, जो केवल 15 रन से अपने पहले दोहरे शतक से चूक गए। हालांकि, क्रीज में नजरें जमाने के बाद यानसेन ने भारतीय गेंदबाजों पर पलटवार किया और नाबाद 84 रन बनाए।
अश्विन बैकअप के लिए नॉन-स्ट्राइकर छोर पर बल्लेबाजों को रन आउट करने के मुखर समर्थक रहे हैं। 2019 में एक आईपीएल मैच में जोस बटलर को रन आउट करने पर अश्विन की आलोचना की गई थी। हालांकि, उन्होंने आउट करने के तरीके का समर्थन करना जारी रखा है, जिस पर पहले भी काफी बात हुई है।
आर अश्विन ने शुरुआती टेस्ट के तीसरे दिन अपनी सफलता के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन उन्हें ज्यादा विकेट नहीं मिले। मार्को जानसन को एक बार केएल राहुल ने जीवनदान दिया। 98 वें ओवर में शुभमन गिल ने गेराल्ड कोएत्जी का कैच छोड़ा। अश्विन को आखिरकार अपने 18वें ओवर में कोएत्जी का विकेट लेने में सफलता मिली, जिन्हें ऑफ स्पिनर ने मोहम्मद सिराज के हाथों कैच कराया।
अश्विन 500 टेस्ट विकेट के करीब हैं और ऑफ स्पिनर उम्मीद कर रहे होंगे कि उनके साथी खिलाड़ी उन्हें जल्द से जल्द वहां पहुंचने में मदद करेंगे। इस ऑफ स्पिनर को रवींद्र जड़ेजा की जगह चुना गया, जिन्हें टेस्ट की सुबह गर्दन में परेशानी थी। दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 408 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 148 रन की बढ़त ली।