राजिंदर गोयल ने 'अमर उजाला’ से कहा, 'भले ही क्रिकेट का मिजाज कितना बदल गया हो लेकिन आज भी 'असल क्रिकेट’ और क्रिकेटर को आंकने का पैमाना टेस्ट क्रिकेट ही है। वनडे क्रिकेट में 50-50 ओवर के बाद टी-20 क्रिकेट के आने से आज खासतौर पर स्पिनरों के लिए क्रिकेट बहुत ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। हमारे आज के क्रिकेटर बहुत पेशेवर हो गए हैं। आज नए जमाने के बल्लेबाजों द्वारा रिवर्स स्वीप और स्विच हिट जैसे शॉट खेलने के चलते ही स्पिनर बहुत कम फ्लाइट देते हैं।
दरअसल टेस्ट में लाल गेंद ही बेहतर है, नाइट टेस्ट की गुलाबी गेंद स्पिनरों के लिए और बड़ी चुनौती है। छोटे फॉर्मेट में वनडे और टी-20 में सफेद गेंद से स्पिनरों के लिए चुनौती बढ़ गई है, वे रन रोकने की कोशिश में ज्यादा रहते हैं। मेरा मानना है कि स्पिनर आज हर फॉर्मेट में कामयाब हो सकते हैं बशर्तें वे आक्रामक गेंदबाजी करे।
जहां तक भारत के मौजूदा स्पिनरों की बात है तो मेरी नजर में रविचंद्रन अश्विन भारत के नंबर एक स्पिनर हैं और टेस्ट, वनडे और टी-20 हर फॉर्मेट के बेहतरीन स्पिनर हैं। अश्विन ने अपनी गेंदबाजों को हर फॉर्मेट के मुताबिक ढाला है और उन्हें भारत को क्रिकेट के हर फॉर्मेट में खिलाना चाहिए। अश्विन को भारत हर फॉर्मेट में खिलाएगा तो वह बतौर स्पिनर हर फॉर्मेट में तुरुप का हिस्सा बन जाएंगे।
भारत के पास रवींद्र जडेजा और अश्विन के रूप में ऐसे स्पिनर हैं जो कि काबिल बल्लेबाज भी हैं और बतौर ऑलराउंडर टीम को जरूरी संतुलन देते हैं। ऐसे में ये दोनों ही टेस्ट के साथ क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट में टीम इंडिया टीम की तुरुप का इक्के हो सकते हैं। जहां तक यजुवेंद्र चहल, कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर जैसे स्पिनरों की बात है तो ये सभी केवल छोटे फॉर्मेट- वन डे और टी-20 के लिए उपयोगी हैं। टेस्ट क्रिकेट में इन तीनों के लिए मुश्किल होगी। ऐसे में टेस्ट के लिए तो भारत को बतौर स्पिनर अश्विन और रवींद्र जडेजा पर ही ज्यादा भरोसा करना होगा।
सबसे बड़ा और दिलचस्प बदलाव भारत के गेंदबाजी आक्रमण में यह आया है कि वह मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह जैसे पेसरों के उदय के साथ तेज गेंदबाजों पर ज्यादा आधारित हो गया है। ऐसे में स्पिनरों की अहमियत टीम इंडिया में कुछ कम जरूर हुई है। ऐसे में स्पिनरों को टीम इंडिया के आक्रमण की धुरी बनने के लिए वाकई हर फॉर्मेट में विकेट चटकाने के लिए आक्रामक तेवरों के साथ गेंदबाज करनी होगी।
भारत के बल्लेबाजों को आज स्पिनर को कम खेलने को मिलता है। इसके चलते हाल ही में भारत के धुरंधर बल्लेबाज अक्सर औसत दर्जे के स्पिनरों के खिलाफ विकेट गंवाते रहे हैं। फिर भी टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा , मयंक अग्रवाल और केएल राहुल जैसे भारतीय बल्लेबाज को स्पिन गेंदबाजी को खेलने में पारंगत मानता हूं।’