स्पॉट फिक्सिंग के विवादों के बीच आईपीएल को नया चेयरमैन मिल गया है। इस बार आईपीएल की कमान ऐसे इंसान के हाथों में है जिसे टीम इंडिया के लिए लकी माना जाता है।
चेन्नई में रविवार को बीसीसीआई की सालाना आम सभा (एजीएम) में रंजीब बिस्वाल को आईपीएल का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया। ओडिशा क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बिस्वाल अब राजीव शुक्ला की जगह लेंगे।
बतौर टीम मैनेजर बिस्वाल भारतीय क्रिकेट टीम की कई यादगार जीतों के गवाह रहे हैं। इनमें सबसे खास जीत मिली 2011 में। बिस्वाल उस समय दूसरी बार विश्व कप जीतने वाली टीम इंडिया के मैनेजर थे।
बैठक में आईपीएल प्रमुख नियुक्त करने में सबसे ज्यादा समय लगा। हालांकि बैठक से पहले अनुभवी जगमोहन डालमिया के नाम पर चर्चा हुई लेकिन इस पद के लिए डालमिया की उम्र (73 साल) उनके खिलाफ गई।
चूंकि आईपीएल प्रमुख को बहुत यात्राएं करनी पड़ती हैं और हमेशा टीम फ्रेंचाइजियों के संपर्क में रहना होता है इसलिए इस पद के लिए 43 वर्षीय बिस्वाल के नाम पर आखिर में मोहर लग गई।
लकी मैनेजर
43 साल के बिस्वाल को टीम इंडिया के लिए बेहद लकी मैनेजर माना जाता है। वह आईपीएल के चौथे मुखिया हैं।
बिस्वाल उस टीम का भी हिस्सा था जिसने इस साल जून में इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी।
महेंद्र सिंह धोनी ने जब 2007 में पहला ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप जीता था तब बिस्वाल भारतीय टीम के चयनकर्ता थे।
प्रथम श्रेणी क्रिकेटर भी
रंजीब बिस्वाल प्रथम श्रेणी क्रिकेटर भी रहे हैं। उन्होंने 1988 में ओडिशा की रणजी टीम की ओर से खेलना शुरू किया। 1990 से वह टीम के नियमित सदस्य बन गए।
ओडिशा के बड़े राजनीतिक घराने से संबंध रखने वाले बिस्वाल एक हरफनमौला क्रिकेटर रहे हैं। वह 80 के दशक में उस अंडर-19 टीम का हिस्सा थे जिसमें कई खिलाड़ी आगे चलकर भारतीय टीम के कप्तान बने। इनमें अनिल कुंबले, सौरव गांगुली, अजय जडेजा और विनोद कांबली शामिल थे।
2000 में बने खेल प्रशासक
रंजीब बिस्वाल ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद खेल प्रशासक बनने का फैसला लिया। वह 2004 में ओडिशा क्रिकेट संघ से जुड़े। 2005 में वह पूर्वी क्षेत्र से चयनकर्ता बन गए। उन्होंने दिलीप वेंगसरकर की अगुवाई वाली चयनकर्ता समिति में काम किया।