केरल के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत के लिए रणजी ट्रॉफी में मेघालय के खिलाफ मैच यादगार रहा। वे इस घरेलू टूर्नामेंट में नौ साल बाद विकेट लेने में कामयाब हो सके। विकेट लेने के बाद श्रीसंत ने अलग ही अंदाज में उसका जश्न मनाया। मैच फिक्सिंग के कारण सात सालों का प्रतिबंध झेलने के बाद भारत के इस गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट में वापसी की है।
श्रीसंत ने मेघालय के आर्यन बोरा को आउट कर सफलता हासिल की। इसके बाद वे पिच पर लेट गए और उसे प्रणाम किया। श्रीसंत ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खिंचना चाहते हैं। उन्होंने आईपीएल नीलामी के लिए भी अपना नाम दिया था, लेकिन किसी फ्रेंचाइजी ने उन्हें नहीं खरीदा। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपना ध्यान लगाया।
17 से 19 फरवरी तक केरल और मेघालय के बीच मैच खेला गया था। उसी मैच में श्रीसंत ने दो विकेट लिए थे। उन्होंने आर्यन बोरा के साथ-साथ चेंगकम संगमा को आउट किया था। श्रीसंत ने पहली पारी में 11.5 ओवर में 40 रन देकर दो विकेट लिए थे। दूसरी पारी में उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली थी। केरल ने उस मैच को पारी और 166 रन से अपने नाम किया था। श्रीसंत को गुजरात के खिलाफ दूसरे मैच में खेलने का मौका नहीं मिला था।
मैच का वह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। श्रीसंत ने कहा- यह 9 साल के लंबे समय के बाद मेरा पहला विकेट है। भगवान की कृपा से मैं बस बहुत खुश था। इसलिए मैंने पिच को प्रणाम किया। श्रीसंत ने 2013 के बाद पहली बार घरेलू मैच खेला है। उनके नाम प्रथम श्रेणी मैचों में 213 विकेट हैं। छह बार उन्होंने एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लिए हैं।
मैच फिक्सिंग के आरोपों के कारण उन पर 2013 में आजीवन प्रतिबंध लगाया था। श्रीसंत को 2015 में स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी किया था। इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने 2018 में उनके ऊपर लगे सभी प्रतिबंधों को हटा दिया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बाद में प्रतिबंध को बहाल कर दिया था। इसके बाद श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शीर्ष अदालत ने उनके अपराध को बरकरार रखा। बीसीसीआई को सजा की अवधि कम करने की सिफारिश की थी। अगस्त 2019 में बीसीसीआई के लोकपाल डीके जैन ने आजीवन प्रतिबंध को घटाकर 7 साल कर दिया। वह सितंबर 2020 में समाप्त हो गया।