कोरोनावायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के कारण अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित हुए रणजी ट्रॉफी के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने नई योजना बनाई है। बोर्ड सबसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट का आयोजन दो चरणों में करने पर विचार कर रहा है। इसकी जानकारी गुरुवार (27 जनवरी) को बोर्ड के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने दी। रणजी ट्रॉफी का आयोजन 13 जनवरी से होना था, लेकिन कोरोना के कारण इसे टालना पड़ा था। टूर्नामेंट में 38 टीमें हिस्सा लेती हैं।
आईपीएल के कारण बीसीसीआई दो चरणों में रणजी ट्रॉफी का आयोजन कराना चाहता है। दरअसल, बोर्ड 27 मार्च से आईपीएल के 15वें सीजन को शुरू करने की योजना बना रहा है। इसकी आधिकारिक घोषणा 20 फरवरी को होगी। आईपीएल के कारण रणजी ट्रॉफी का आयोजन एक चरण में मुश्किल होगा। बोर्ड कुछ मैचों को आईपीएल के शुरू होने से पहले कराना चाहता है और अंत के कुछ मैचों को आईपीएल के बाद। अरुण धूमल ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि हम टूर्नामेंट के लिए सभी संभावनाओं को तलाश रहे हैं।
अरुण धूमल ने क्या कहा?
धूमल ने कहा, ‘‘हम रणजी ट्रॉफी के आयोजन के लिए योजना बना रहे हैं। जब टूर्नामेंट को रोका गया था तब कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे थे। पिछले कुछ दिनों से ऐसा लग रहा है कि मामलों में कमी आ रही है। रणजी ट्रॉफी संचालन टीम फिर से आयोजन को लेकर काम कर रही है। हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या अगले महीने में लीग चरण के मुकाबले हो सकते हैं या नहीं। फिर आईपीएल के बाद बाकी मुकाबले हो सकते हैं।’’
दो चरणों में रणजी ट्रॉफी के आयोजन में क्या मुश्किलें होंगी?
बीसीसीआई अगर दो चरणों में टूर्नामेंट को आयोजित करता है तो दूसरे चरण में उसे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जब दूसरे चरण का आयोजन होगा तब भारत कई हिस्सों में मानसून शुरू हो जाएगा। वहीं, कुछ हिस्सों में गर्मी तेज होगी। धूमल ने कहा, "संचालन टीम मौसम, जगह की उपलब्धता और साथ ही खिलाड़ियों के लॉजिस्टिक मामलों को लेकर काम कर रही है। हम टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। हम खिलाड़ियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।"
महामारी ने पिछले सीजन में भी घरेलू क्रिकेट को नुकसान पहुंचाया था। बीसीसीआई सिर्फ दो टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का आयोजन कर सका था। इस दौरान बीसीसीआई ने वित्तीय नुकसान झेलने वाले सभी खिलाड़ियों को मुआवजा दिया था।