फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टेस्ट क्रिकेट की बेहतरी के लिए विराट कोहली का सुझाव, कहा- सिर्फ पांच जगहों पर ही खेला जाए मैच

Wed, 23 Oct 2019 07:48 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज क्लीन स्वीप करने के बाद विराट ने टेस्ट क्रिकेट की बेहतरी के लिए नया सुझाव दिया है। विराट ने इस बात पर जोर दिया है कि टेस्ट मैचों को बेहतर बनाने के लिए अब सिर्फ पांच जगहों पर ही मैच करवाए जाएं।  

विज्ञापन

ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड की तर्ज पर हो भारत में मैच

भारतीय कप्तान का मानना है कि अब समय आ गया है कि भविष्य में होने वाली घरेलू सीरीज के लिए बीसीसीआई को पांच टेस्ट स्थलों का चयन करना चाहिए जैसा कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में शीर्ष टीमों के दौरे पर होता है।

बड़ी टीमों के दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न, सिडनी, पर्थ, ब्रिसबेन और एडिलेड पांच टेस्ट स्थल हैं। इसी तरह बड़ी टेस्ट सीरीज (एशेज / भारत) के लिए इंग्लैंड में लॉर्ड्स, ओवल, ट्रेंट ब्रिज, ओल्ड ट्रैफर्ड, एजबेस्टन, साउथेम्प्टन और हेडिंग्ले मुख्य टेस्ट स्थल हैं।

कम दर्शकों के आने से निराश 'विराट'

रांची में टेस्ट के दौरान मैदान में दर्शकों की कमी के बारे में पूछे जाने पर भारतीय कप्तान ने कहा, ‘यह अच्छा सवाल है। हम काफी समय से इस बारे में चर्चा कर रहे हैं। मेरा मानना है कि टेस्ट मैचों के पांच स्थल होने चाहिए।’ 

कोहली ने कहा, ‘अगर आप टेस्ट क्रिकेट को जीवंत और रोचक बनाए रखना चाहते है तो मैं इस बात को लेकर पूरी तरह से सहमत हूं कि अधिक से अधिक पांच टेस्ट स्थल होने चाहिए। यह इतने अधिक जगह पर नहीं होना चाहिए जहां कम लोग मैच देखने पहुंचते हैं या नहीं आते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘ऐसा होने से भारत दौरे पर आने वाली टीमों को भी फायदा होगा जिन्हें पता होगा कि उन्हें इन्हीं पांच जगहों में से कहीं टेस्ट खेलना होगा।’ 

टी-20 और वनडे के लिए लागू हो रोटेशन नीति

बीसीसीआई हर प्रारूप में स्थल के चयन के लिए रोटेशन नीति अपनाती है और उसके पास अभी टेस्ट मैचों के लिए 15 स्थल हैं। कोहली ने कहा, ‘मैं इस बात से सहमत हूं कि आपके पास राज्य संघ है जिन्हें रोटेशन के आधार पर मैच मिलता है। यह टी-20 और एकदिवसीय के लिए अच्छा है लेकिन टेस्ट के लिए ऐसा नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन

मेहमान टीम को चुनौतियां मालूम होनी चाहिए

विराट ने कहा, ‘मेहमान टीमों को पता होना चाहिए कि हमें किस तरह की पिचों पर खेलना है। किस तरह के दर्शक मैच देखने के लिए आएंगे। यह ठीक वैसा ही है जब हम विदेशों में टेस्ट खेलने जाते हैं तो हमें मालूम होता है कि वहां किन तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।'

बता दें की 80 के दशक तक भारत में सिर्फ मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, बैंगलोर और कानपुर जैसी छह जगहों पर ही मैच खेले जाते थे लेकिन अब कुल 15 जगहों पर मैच होते हैं। जिसकी वजह से मशहूर और पुराने स्टेडियमों में मैच नहीं हो पा रहे हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें