फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीम चयन के लिए लड़कियों की मांग का आरोप झेल रहे राजीव शुक्ला के करीबी को मिली क्लीन चिट

Wed, 24 Oct 2018 11:27 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
अकरम सैफी - फोटो : file photo
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के क्रिकेटर द्वारा टीम चयन के बदले लड़कियों की मांग करने का आरोप लगाने के तीन महीने बाद अकरम सैफी को रिटायर्ड जज चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने जांच के बाद क्लीन चिट दे दी है। बता दें कि अकरम सैफी आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला के सहायक थे। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के लोकपाल प्रसाद ने सैफी के खिलाफ राहुल शर्मा द्वारा लगाए आरोपों को असत्य, अविश्वसनीय और अस्वीकार करने के लिए फिट करार दिया।

विज्ञापन


अपनी रिपोर्ट में प्रसाद ने गौर किया कि व्यक्ति द्वारा ढीली बात का एक उत्कृष्ट उदाहरण था, जिसने संगठन की छवि को खराब कर दिया था। रिपोर्ट में कहा गया कि शर्मा ने अपने आरोप वापस लिए क्योंकि उन्होंने निराशा में आकर यह बात कही थी। 

18 जुलाई को स्थानीय चैनल न्यूज1 ने स्टिंग ऑपरेशन की कहानी चलाई, जिसमें शर्मा ने आरोप लगाया कि अकरम ने टीम चयन के लिए वैश्याओं की व्यवस्था का उनसे पूछा। शर्मा ने सैफी पर भ्रष्टाचार में शामिल होने और भारतीय क्रिकेट बोर्ड द्वारा आयोजित टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों को फर्जी उम्र दस्तावेज जारी करने का भी आरोप लगाया।
विज्ञापन


प्रसाद ने यूपीसीए में जमा की अपनी जांच रिपोर्ट में कहा, 'शुरू में, शर्मा ने 26 जुलाई 2018 को एफीडेविट जमा किया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय चैनल पर लगाए आरोपों को वापस लिया और आगे किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने की बात कही। शर्मा ने एफीडेविट में इस मामले को बंद करने की गुजारिश भी की।'  

रिपोर्ट में आगे कहा गया, 'जब आरोप वापस लेने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह आरोप राज्य क्रिकेट टीम में चयन नहीं होने की निराशा के चलते लगाए गए थे।'

उन्होंने आगे कहा, 'अकरम ऐसा व्यक्ति बना, जिसने चयन मामलों में संघर्ष किया। रिपोर्ट में कहा गया, अकरम ने अपने आप को ऐसा व्यक्ति बताया जो यूपीसीए द्वारा क्रिकेट टीम के चयन के बारे में बोलता है। मगर उन्होंने बाद में स्पष्ट किया कि इन बयानों को गंभीर रूप से न लिया जाए।' 

'फिर भी, शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि सच्चाई यह है कि वास्तविक चयन में भाग लेने और अनुभव करने के बाद, उनका मानना है कि यह मजबूत और सुव्यवस्थित है और किसी भी व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़ करने में सक्षम नहीं है, चाहे वह अकरम है या फिर यूपीसीए का कोई भी पदाधिकारी।'

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें