चाहें यह मेजबान भारत हो या फिर मेहमान ऑस्ट्रेलिया, दोनों ही टीमें तीसरे टेस्ट के लिए मोहाली के पीसीए स्टेडियम में ताल ठोकने को बेकरार दिखीं। एक ओर मेजबान भारत जहां इतिहास बनाने को आतुर है तो दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई टीम के सम्मान बचाने की जद्दोजहद है।
लेकिन बृहस्पतिवार को मोहाली के बेईमान मौसम ने दोनों टीमों के अरमानों पर पानी फेर दिया। दोपहर एक बजे घने काले बादलों के बीच पाकिस्तानी अंपायर अलीम दार और रिचर्ड कैटलब्रो ने बिना कोई गेंद फेंके पहले दिन का खेल रद्द किए जाने की घोषणा की। लेकिन इसके ठीक दो घंटे बाद सूर्य देवता ने दर्शन दे दिए।
राहत कि बात यह है कि मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि शुक्रवार को बरसात की उम्मीद नहीं है। कंगारू सीरीज में वापसी के लिए इस कदर आतुर हैं कि उन्होंने चार खिलाड़ियों को दंडित किए जाने के बाद टीम का मनोबल वापस बहाल करने के लिए बृहस्पतिवार की सुबह मनोचिकित्सक माइकल लॉएड को ऑस्ट्रेलिया से बुला लिया।
लॉएड ने आते ही खिलाड़ियों से बात शुरू की। इस टेस्ट में शेन वाटसन के स्थान पर खेलने जा रहे स्टीवन स्मिथ ने खुलासा किया कि उनकी लॉएड से बात हुई है। वह अपने काम में माहिर हैं। वह खिलाड़ियों को मानसिक तौर पर मैच के लिए तैयार कर रहे हैं, जिससे वे साफ सुथरे दिमाग के साथ खेलने के लिए उतरें। स्मिथ ने कहा कि वह अपना सौ प्रतिशत तभी दे पाएंगे। जब उन पर दिमागी बोझ नहीं होगा।
पहली बार कंगारुओं पर जीत की हैट्रिक की कगार पर खड़ी भारतीय टीम के लिए पहले दिन का खेल नहीं होना भी झटका है। भारतीय टीम सुबह आठ बजे स्टेडियम पहुंच गई। लेकिन रात दो बजे से हो रही बरसात के चलते मैदान की हालत देखकर धोनी एंड कंपनी 40 मिनट बाद ही वापस होटल लौट गई।
ऑस्ट्रेलियाई टीम तो लंच से पहले आई। इस दौरान भारतीय टीम को एक बार फिर मैदान पर आना पड़ा। अंपायरों ने कई बार मैदान का निरीक्षण किया। लेकिन बाद में उन्हें खेल रद्द करना पड़ा। साढ़े तीन बजे धूप निकलने के बाद जब क्यूरेटर दलजीत सिंह ने पिच पर पड़े कवर हटवाए तो नीचे बिछी टाट की दरी गीली निकली। पिच भी गीली थी।