एक कप्तान जो अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है, एक टीम जिसमें कुछ खिलाड़ियों को उनकी वर्तमान फॉर्म के बजाय ख्याति के आधार पर चुना गया और बायो बबल के दौर में हावी होती थकान भारत के टी20 विश्व कप में निराशाजनक अभियान के कारण रहे। भारत की पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के हाथों हार के लिए कोई एक कारण नहीं है। शाहीन शाह अफरीदी की पहली 12 गेंदों ने भारतीयों को दहशत में डाला तो न्यूजीलैंड के खिलाफ वह रणनीति के अनुरूप प्रदर्शन करने में नाकाम रहे।
कोहली की वनडे कप्तानी पर उठेंगे सवाल
कोहली टूर्नामेंट से पहले ही विश्व कप के बाद टी20 की कप्तानी छोड़ने का फैसला कर चुके हैं। वह द्विपक्षीय शृंखलाओं में सफल रहे हैं लेकिन बड़ी प्रतियोगिताओं, जैसे विश्व कप (टी20 और वनडे), चैंपियंस ट्रॉफी या आईपीएल में उन्हें सफलता नहीं मिली है। उनकी रणनीति काम नहीं कर पाती है। ऐसे हालात में कोहली की वनडे कप्तानी पर भी सवाल उठ सकते हैं। वनडे विश्व कप 2023 में भारत में खेला जाना है और ऐसे में टीम को एक नये कप्तान की देखरेख में तैयार किया जा सकता है।
हार्दिक का चयन, अश्विन की अनदेखी
टीम के चयन में निरंतरता का अभाव देखा गया। न्यूजीलैंड के खिलाफ रोहित शर्मा की बजाय इशान किशन से पारी का आगाज करवाने का कप्तान का फैसला गलत साबित हुआ। रविचंद्रन अश्विन को प्रत्येक प्रारूप में नजरअंदाज करने से कोहली के अपने खिलाड़ियों के साथ संबंधों पर सवाल उठ रहे हैं। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की फिटनेस को लेकर शुरू से टीम में भ्रम की स्थिति बनी रही। पूरी तरह फिट न होने के बावजूद हार्दिक का चयन करने का मतलब है कि चयनकर्ताओं से लेकर टीम प्रबंधन में संवादहीनता का अभाव रहा।
आईपीएल के बाद जब लगने लगा कि हार्दिक गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे तो आनन फानन में अक्षर पटेल की जगह शार्दुल ठाकुर को ऑलराउंडर के विकल्प के रूप में रखा गया। भुवनेश्वर पिछले दो वर्षों से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए लेकिन तब दीपक चाहर की बजाय उन्हें चुना गया। इसी तरह से लेग स्पिनर के रूप में राहुल चाहर को चुना गया जबकि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को आईपीएल के प्लेऑफ में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले युजवेंद्र चहल को रिजर्व में भी जगह नहीं दी गई।
ऋतुराज क्यों नहीं
हार्दिक का चयन हो या फॉर्म की बजाय खिलाड़ियों की हैसियत को तवज्जो देने के लिए चयनकर्ताओं को भी जवाब देना होगा। फॉर्म पर ध्यान दिया जाता तो ऋतुराज गायकवाड़ टीम में जगह बनाने के हकदार थे जिन्होंने आईपीएल में सर्वाधिक रन बनाए।
4 महीने से बायो बबल में है टीम
टीम का पिछले चार महीनों से बायो बबल में रहना भी हार का एक कारण रहा। इसका प्रभाव भारतीय खिलाड़ियों के हाव भाव से दिखता है। इसके लिए बीसीसीआई भी जिम्मेदार है जिसने टी20 विश्व कप से ठीक पहले आईपीएल का आयोजन करके खिलाड़ियों को तरोताजा होने का मौका नहीं दिया।
टॉस गंवाना भी महंगा पड़ा
भारत के सभी मैच शाम को हैं जब ओस अपनी भूमिका निभा रही है। सभी चोटी की टीमों जैसे इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका आदि का दिन में कम से कम एक मैच है। तब पहले बल्लेबाजी करने पर ओस की भूमिका नहीं होती है लेकिन शाम के मैचों में टॉस गंवाने और पहले क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम की हार की संभावना बढ़ जाती है। भारत दोनों मैचों में टॉस गंवा बैठा था।
भारत की हार पर वीवीएस लक्ष्मण ने कहा "मैं स्तब्ध हूं केवल हार से नहीं बल्कि जिस तरह से उन्होंने मैच गंवाया। आपके पास हर तरह का सहयोगी स्टाफ है लेकिन यह रणनीति पर अमल करने से जुड़ा है।"