टी-20 वर्ल्डकप 2021 में भारतीय टीम लगातार दूसरा मैच हार चुकी है। भारत की दूसरी हार के बाद उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो चुकी हैं। टीम के खराब प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों के अलावा चयनकर्ताओं के फैसले पर भी सवाल उठ रहे हैं। भारत की चयन समिति ने टीम में तीन अनफिट खिलाड़ियों को जगह दी थी और इन्हीं तीनों खिलाड़ियों का खराब प्रदर्शन भारत की हार की बड़ी वजह बना है।
इस वर्ल्डकप में भारतीय गेंदबाज दो मैचों में सिर्फ दो विकेट ले पाए हैं, जबकि विराट और पंत के अलावा कोई भी दूसरा बल्लेबाज अब तक 50 रन भी नहीं बना पाया है। वहीं भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या और वरुण चक्रवर्ती की फिटनेस सबसे बड़ा सवाल रही है।
हार्दिक का चयन सबसे खराब फैसला
चेतन शर्मा की अगुवाई वाली चयन समिति ने हार्दिक पांड्या को जब भारतीय टीम में जगह दी थी, तब वो चोट से वापसी कर रहे थे। इस समय कहा गया था कि हार्दिक जल्द ही गेंदबाजी शुरू कर देंगे। हालांकि आईपीएल तो दूर वर्ल्डकप में भी हार्दिक ने गेंदबाजी नहीं शुरू की। जब उन्होंने अपनी पहली गेंद फेकी तब तक भारत का सेमीफाइनल से बाहर होना लगभग तय हो चुका था। वहीं उनके गेंदबाजी न करने से पूरी टीम का संतुलन बिगड़ा और विराट जैसे खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी छोड़ गेंदबाजी पर ध्यान लगाया। टीम के खराब संतुलन के कारण खिलाड़ी एकजुट होकर प्रदर्शन नहीं कर पाए और भारत को लगातार दो हार झेलनी पड़ी।
वरुण चक्रवर्ती को बाहर नहीं कर पाए चयनकर्ता
आईपीएल में दिल्ली और कोलकाता के मैच में वरुण चोटिल हुए थे। बीसीसीआई को उनकी चोट के बारे में जानकारी लेकर सही फैसला लेना था और चहल या दूसरे स्पिन गेंदबाजों को मौका दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। नतीया यह हुआ की पाकिस्तान के अलावा न्यूजीलैंड के खिलाफ भी वरुण की मिस्ट्री फेल रही। दोनों मैच में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला और फील्डिंग के दौरान भी वो पूरी तरह से फिट नहीं दिखे।
भुवनेश्वर कुमार को शामिल करना भारी पड़ा
आईपीएल के दौरान भी भुवनेश्वर कुमार लय में नहीं दिखे थे। विकेट लेना तो दूर की बात वो अपनी पुरानी गति में गेंदबाजी भी नहीं कर पा रहे थे। इसके बावजूद उन्हें टीम में रखा गया और पहले मैच में हार के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर भी किया गया, लेकिन तब तक हम आधी बाजी हार चुके थे और कीवी टीम के खिलाफ हार के बाद भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं।
अनुभवी और इनफॉर्म चहल को छोड़ा
2017 से लगातार चहल भारत के प्रमुख स्पिनर रहे हैं। उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया था। इस साल आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन बेहतर था, लेकिन उनकी जगह तेज गति से गेंदबाजी करने वाले राहुल चाहर को टीम में शामिल किया गया। चाहर को भी कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला और चक्रवर्ती विपक्षी टीमों से ज्यादा भारत के लिए खतरनाक साबित हुए।
शिखर धवन को भी टीम से बाहर किया
शिखर धवन भी भारत के लिए लंबे समय से खेल रहे थे और रोहित के साथ पारी की शुरुआत कर रहे थे। इस जोड़ी ने भारत के लिए हजारों रन बनाए थे। इसके बावजूद वर्ल्डकप में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और दो मैचों में दो अलग ओपनिंग जोड़ी आजमाई गई। नतीजा यह हुआ किसी मैच में भारत को अच्छी शुरुआत नहीं मिली और दोनों बार भारत छोटे स्कोर पर आउट हो गया।