ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कोच मिकी आर्थर ने स्वीकार किया कि उन्होंने उप-कप्तान शेन वाटसन समेत चार खिलाड़ियों को तीसरे टेस्ट के लिए टीम से बाहर करने का फैसला लेकर अपना सिर ओखली में दे दिया है।
वाटसन, पेसर जेम्स पैटिनसन, मिचेल जानसन और बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा को तीसरे टेस्ट के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था, जो कोच मिकी आर्थर के कहे अनुरूप प्रेजेंटेशन नहीं दे पाए थे।
आर्थर का मानना है कि यह फैसला लेना जरूरी था क्योंकि टीम अनुशासन महत्वपूर्ण है। उन्होंने सिडनी मार्निंग हेराल्ड से कहा, ‘मैं चुप बैठकर तमाशा देखने वालों में नहीं हूं। मैं यदि ऐसा करूंगा तो अपने काम को अंजाम नहीं दे सकूंगा। मुझे इस टीम से जुड़ी हर जिम्मेदारी निभानी है। हमें समझना होगा कि हम अभी कहां हैं। यह काफी युवा टीम है और इसे सही दिशा दिखाना जरूरी है।’
उन्होंने कहा, ‘यदि आपके पास सीनियर खिलाड़ी हैं तो यह काम आसान हो जाता है। यदि आपके पास युवा टीम है तो आपको खिलाड़ियों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराना होगा। मैं कहूंगा कि मैंने ओखली में सिर दे दिया है लेकिन मैंने ऐसा इसलिये किया क्योंकि इस टीम और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से मैं बहुत जुड़ा हुआ हूं। मैं चाहता हूं कि यह टीम दुनिया की नंबर वन टीम बने।’