शतक से तीन रन से चूके थे श्रेयस
श्रेयस के शानदार प्रदर्शन के दम पर पंजाब ने पांच विकेट पर 243 रन बनाए और 11 रन से जीतने में सफल रहे। शशांक ने मोहम्मद सिराज के अंतिम ओवर में पांच चौके लगाए। शशांक ने 16 गेंदों पर 44 रन बनाए और नाबाद पवेलियन लौटे। शशांक ने कहा कि श्रेयस ने उनके स्ट्राइक रोटेट करने के लिए नहीं कहा था। मैच के बाद शशांक ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मैंने स्कोरबोर्ड नहीं देखा था, लेकिन जब पहली गेंद पर मैंने चौका लगाया तो मेरा ध्यान गया कि श्रेयस 97 रन बनाकर खेल रहे हैं।
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शशांक ने कहा, मैंने कुछ नहीं कहा, लेकिन श्रेयस मेरे पास आए और बोले कि शशांक मेरे शतक की चिंता मत करो। मैं उनसे कहने वाला था कि क्या मैं आपको सिंगल दूं। श्रेयस ने जो कहा उसके लिए बड़ा दिल और हिम्मत चाहिए क्योंकि जाहिर है कि टी20 में विशेषकर आईपीएल में आसानी से शतक नहीं बनते हैं।
श्रेयस ने शशांक से आक्रामक अंदाज में खेलने कहा
शशांक ने कहा कि श्रेयस का संदेश स्पष्ट था कि गेंदबाज पर आक्रमण जारी रखो। शशांक ने कहा, श्रेयस ने मुझसे कहा था कि शशांक हर गेंद को हिट करो और कोशिश करो कि चौका या छक्का मिले। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला। जाहिर है कि हम सभी जानते हैं यह एक टीम गेम है, लेकिन ऐसी स्थिति में स्वार्थ को हावी नहीं होने देना कठिन है। श्रेयस ने ऐसा किया। मैं उन्हें पिछले 10-15 वर्षों से जानता हूं। वह वैसे ही हैं और उन्होंने मुझसे शांत रहने और मैं जैसे शॉट खेलता हूं, वैसे शॉट खेलने के लिए कहा। मुझे लगता है कि हमने अच्छा फिनिश किया।
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वहीं, गुजरात टाइटंस के स्पिनर आर साई किशोर ने कहा कि उनकी टीम को लगा था कि वे मैच में आगे चल रहे हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात ने अच्छी शुरुआत की थी और एक समय वह इसे हासिल करने के करीब भी लग रही थी, लेकिन टीम 20 ओवर में पांच विकेट पर 232 रन ही बना सकी। साई किशोर ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो हम भी चौंक गए थे। हमें लगा था कि लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। हमें लगा कि हम मैच में आगे हैं।