टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज में कुछ खास नहीं कर सकी और उसे 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। तीसरे टी-20 मैच में भारत के पास सीरीज में सम्मान बचाने का मौका था लेकिन कोलकाता में भारी बारिश ने मैच को ही रद्द करा दिया और मेजबान वनडे सीरीज से पहले जीत के लय में लौटने का मौका हासिल नहीं कर सकी।
टी-20 के बाद भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अगली सीरीज वनडे मैचों की है और इस सीरीज में 5 मैच खेले जाएंगे। पहला मैच 11 अक्टूबर (रविवार) को कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजे से शुरू होगा।
अफ्रीकी टीम के खिलाफ टी-20 में लचर प्रदर्शन के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर खासा दबाव है कि वह खुद बेहतर खेल दिखाएं साथ ही इस कठिन सीरीज में टीम इंडिया की फ्रंट से अगुवाई भी करें। धोनी की कप्तानी और खुद के प्रदर्शन को लेकर इन दिनों लगातार आलोचना हो रही है।
पिछले कुछ सीरीज बतौर कप्तान धोनी के लिए खास नहीं रहा है। टी-20 सीरीज में मिली हार के बाद उनके लिए हर अगला कदम 'लिटमस टेस्ट' की तरह हो गया है। उनकी ही कप्तानी में जून में टीम इंडिया ने बांग्लादेश के हाथों वनडे सीरीज गंवा दिया था। भारत पहली बार बांग्ला टीम से कोई सीरीज गंवाई थी।
रहाणे की वापसी होगी या नहीं संशय बरकरार
जहां कप्तान धोनी के लिए यह सीरीज बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया लगता है तो वहीं टेस्ट कप्तान विराट कोहली को टीम के नए वनडे कप्तान के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में कोहली पर भी सीरीज में बेहद शानदार खेल दिखाने का दबाव रहेगा। वह इस समय फॉर्म में हैं और उन्हें पहले मैच में बड़ी पारी से सीरीज की शुरुआत करनी होगी।
उनके अलावा रोहित शर्मा और शिखर धवन भारतीय पारी की शुरुआत कर सकते हैं। यह जोड़ी टी-20 में टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने में नाकाम रही थी लेकिन इस नाकामी को यहां तोड़ना चाहेगी। पहले टी-20 में शतक लगाने वाले रोहित पर काफी दारोमदार रहेगा। जबकि टी-20 से बाहर रहे अजिंक्य रहाणे के वनडे सीरीज में भी वापसी टीम में के कोई आसार नहीं हैं। अगर वह आते हैं तो टीम का मध्यक्रम मजबूत होगा।
जहां तक भारतीय टीम में गेंदबाजी का सवाल है तो तेज गेंदबाज उमेश यादव की वापसी से टीम की गेंदबाजी में निखार आ सकता है। उमेश का साथ देने के लिए भुवनेश्वर कुमार और मोहित शर्मा हैं ही। जहां तक फिरकी गेंदबाजी का सवाल है तो धोनी के भरोसेमंद गेंदबाज आर अश्विन अफ्रीकी बल्लेबाजों पर अंकुश लगा सकते हैं। बतौर फिरकी गेंदबाज अश्विन बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में कामयाब रहे थे।
ग्रीन पार्क की पिच को देखते हुए धोनी को 3 विशेषज्ञ स्पिनर में से श्रेष्ठ स्पिनर्स को अंतिम एकादश में मौका देंगे। साथ ही वह एक ऑलराउंडर को रख सकते हैं। बेहद शानदार फॉर्म में चल रहे पंजाब के बल्लेबाजी ऑलराउंडर गुरकीरत सिंह मान को उनके अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिल सकता है और वह वनडे करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
बल्बेबाजी में डीविलियर्स और गेंदबाजी में ताहिर से होना होगा सजग
दूसरी ओर, टी-20 में जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है और टीम वनडे सीरीज में भी जोर-शोर के साथ मैदान पर उतरने की मंशा पहले ही जता चुकी है। अफ्रीकी टीम को दिसंबर तक भारत में रहना है और शानदार शुरुआत ही उसे लंबे दौरे तक तरोताजा बनाए रख सकती है।
अफ्रीकी टीम की बल्लेबाजी की बात की जाए तो उसके कप्तान एबी डीविलियर्स के अलावा हाशिम अमला, क्विंटन डी कॉक, फैफ डु प्लेसिस, डेविड मिलर और जेपी डुमिनी बड़ी पारी खेलने में माहिर हैं। डुमिनी ने ही पहले टी-20 में विस्फोटक पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी।
गेंदबाजी में काइली एबॉट और कागिसो रबाबा जिन्होंने टी-20 में शानदार खेल दिखाया था वे वनडे में भी अच्छा करने को आतुर होंगे। इनके अलावा 'स्टेनगन' डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल के रूप में अनुभवी तेज गेंदबाजों की फौज है। साथ ही फिरकी गेंदबाज इमरान ताहिर जो लगातार अच्छा खेल दिखा रहे हैं वो भारतीय बल्लेबाजों के लिए खतरनाक बन सकते हैं। सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया को इसी गेंदबाज से सजग रहने की सलाह दी है।
कप्तान धोनी नहीं चाहते पिच पर ज्यादा घास
दक्षिण अफ्रीका के हाथों टी-20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा था कि आगामी वनडे सीरीज में वह पिच पर घास नहीं चाहते। उन्होंने कहा था कि हमें जैसी पिच दी जाएगी हम उस पर खेलेंगे लेकिन वह पिच पर ज्यादा घास नहीं चाहते। ओस के कारण स्पिनरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि वनडे सीरीज में कड़ा मुकाबला होगा लेकिन बहुत कुछ टॉस और मैच स्थल पर भी निर्भर करेगा। सितंबर के बाद घरेलू परिस्थितियों में ओस हमेशा अहम हो जाती है।