खेल के मैदान पर गिरते दबदबे के साथ भारत के वन-डे और टी-20 कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चमक विज्ञापन की दुनिया में भी फीकी पड़ती जा रही है। एक मैदान में अनहोनी को होनी में बदलने का माद्दा रखने वाले धोनी लगातार फॉर्म से जूझ रहे हैं और मैदान पर अपना करिश्मा नहीं दिखा पा रहे हैं। इसे देखते हुए दुनिया की जानी मानी बेवरेज कंपनी पेप्सिको ने धोनी के साथ अपने 11 साल पुराने करार को खत्म करने का निर्णय किया है।
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद कम हुई मार्केट वैल्यू
धोनी
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खबरों की मानें तो टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद से ही धोनी की मार्केट वैल्यू कम होती जा रही है।धोनी और पेप्सिको के बीच 2005 में अनुबंध हुआ था, वह पेप्सी कोला और लेज चिप्स दोनों के ब्रांड एम्बेसडर थे। पेप्सी हमेशा से बॉलीवुड और खेल जगत के ए क्लास सेलिब्रिटीज को अपना ब्रैंड एम्बैस्डर बनाता रहा है। पेप्सी के ब्रांड एम्बेसडरों में अब बॉलीवुड दिग्गजों रणबीर कपूर और परिणीति चोपड़ा के साथ विराट कोहली भी शामिल हो गए हैं। धोनी के साथ पेप्सी का नाता टूटने का सीधा सा मतलब है धोनी अब बाजार की पहली पसंद नहीं रह गए हैं और विराट कोहली उनकी जगह लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पेप्सी ने हमेशा नए खिलाड़ियों को दिया मौका
धोनी
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साल 2014 तक धोनी 18 का ब्रांड्स के साथ अनुबंध था, लेकिन अब यह संख्या घटकर 10 हो गई है। फोर्ब्स मैग्जीन के अनुसार धोनी अनुबंधों से 27 मिलियन डॉलर की कमाई के साथ दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं। विज्ञापनों से धोनी को होने वाली कमाई उन्हें मैच फीस और प्रोफेशनल कमाई की लगभग चार गुना है।
पेप्सी हमेशा से पुराने खिलाड़ियों की जगह नए खिलाड़ियों को मौका देता रहा है। पेप्सी ने सचिन तेंदुलकर की जगह धोनी को अपना ब्रांड एम्बेस्डर बनाया था। अब धोनी की जगह विराट को तवज्जो दे रही है। पेप्सी के वाइस प्रेसिडेंट विपुल प्रकाश का कहना है कि कंपनी की विज्ञापन पॉलिसी हमेशा से अपने प्रोडक्ट को मार्केटिंग और विज्ञापन की दुनिया में हीरो बनाने की रही है।