महिला प्रीमियर लीग का शानदार आगाज हो चुका है। मुंबई और दिल्ली की टीम ने शानदार शुरुआत की है। वहीं, बैंगलोर का प्रदर्शन अब तक सबसे खराब रहा है। स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली टीम लगातार तीन मैच हार चुकी है। इस लीग में कुल पांच टीमें हैं और इनमें से तीन टीमों की कप्तान विदेशी खिलाड़ी हैं। इस पर कई दिग्गजों ने आपत्ति जताई थी। अंजुम चोपड़ा भी इनमें से एक थीं।
अंजुम ने कहा था कि भारतीय खिलाड़ियों को इस लीग में कप्तानी के ज्यादा मौके मिलने चाहिए थे। इससे भारतीय महिला टीम के लिए भावी कप्तान तलाशने में मदद मिलती। आईपीएल के जरिए भारत को नए कप्तान मिल रहे हैं। रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या इनमें से एक हैं। हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल का मानना है कि लीग में विदेशी कप्तान होने से युवा भारतीय खिलाड़ियों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
पार्थिव पटेल महिला प्रीमियर लीग के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर स्पोर्ट्स 18 और जियो सिनेमा के साथ लीग के एक्सपर्ट के रूप में जुड़े हैं। उन्होंने इस लीग को लेकर पत्रकारों से बात की और कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस लीग में सिर्फ पांच टीमें हैं, ऐसे में नेट रन रेट की अहमियत बहुत ज्यादा होने वाली है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई की आने वाले समय में यह लीग मुंबई के अलावा भी बाकी शहरों तक पहुंचेगी। तब इसमें टीमों की संख्या भी ज्यादा होगी।
वहीं, जब पार्थिव से सवाल किया गया कि पांच में से तीन टीमों की कप्तान विदेशी होने से लीग की लोकप्रियता पर क्या फर्क पड़ेगा तो उन्होंने कहा कि इससे लोकप्रियता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, बल्कि यह भारतीय खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद है। इससे युवा खिलाड़ियों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इस अनुभव का इस्तेमाल वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कर पाएंगी और देश के लिए अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगी।