उन्होंने यह भी कहा कि आईसीसी की समिति यदि मुआवजे का दावा खारिज कर देती है तो वह भारत से बात करने की कोशिश जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा, ‘मेरा इरादा क्रिकेट के लिए भीख मांगने का नहीं है बल्कि बराबरी के दर्जे से बात करने का है। हमें एक दूसरे के साथ चलना होगा और हम खेलने के लिये तैयार हैं।’