पाकिस्तान ने शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ 152 रनों से जीत के साथ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। अब टीम की नजर निर्णायक और अंतिम मुकाबले पर है। बता दें कि, शान मसूद के नेतृत्व में पाकिस्तान ने 44 महीने बाद घर में पहली जीत हासिल की है। मुकाबले के बाद कप्तान ने खुशी जताते हुए टीम की तारीफ की।
'पहली जीत हमेशा खास होती है'
शान मसूद की कप्तानी में यह पाकिस्तान ने पहली जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा- पहली जीत हमेशा खास होती है। काफी कठिन समय के बाद यह जीत मिली है। पिछले हफ्ते काफी कुछ हुआ। हर किसी के लिए एक साथ काम करना, 20 विकेट लेने की रणनीति बनाना और उसे पूरा करना, यह सबसे संतोषजनक बात है। पाकिस्तान टीम की तारीफ बनती है। टीम को जीत की भूख थी।
44 महीने बाद घर में जीता पाकिस्तान
पाकिस्तान ने अपने घर में पिछला टेस्ट मुकाबला फरवरी 2021 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रावलपिंडी में जीता था। तब पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को 95 रन से हराया था। इसके बाद टीम ने 12 टेस्ट खेले हैं। इसमें से पाकिस्तान टीम को एक में जीत मिली है। चार टेस्ट ड्रॉ रहे और सात में पाकिस्तान की टीम को हार का सामना करना पड़ा है।
'कठिन समय के बाद जीत मिली है'
मसूद ने आगे कहा- किसी भी प्लेयर के एफर्ट पर डाउट नहीं है। यह सभी लोगों के लिए खास है। कठिन समय के बाद टीम को जीत मिली है। हमें बस इस बात की खुशी है कि हम प्लान को लागू करने में सफल रहे। हमने 20 विकेट चटकाए। इसके साथ ही पहली और दूसरी पारी में कुछ अच्छे स्कोर बनाए। हमने रणनीति में बदलाव किया। बांग्लादेश के खिलाफ हम चूक गए थे।
पीसीबी ने लिए अहम फैसले
पाकिस्तान की टीम ने इस टेस्ट के लिए कड़े फैसले लेते हुए कई बड़े बदलाव किए थे। इनमें बाबर आजम, शाहीन अफरीदी, नसीम शाह जैसे सीनियर खिलाड़ियों को बाहर बैठाना शामिल था। इसका फायदा टीम को हुआ और नए खिलाड़ियों ने पाकिस्तान की जबरदस्त वापसी में मदद की है। बाबर की जगह रिप्लेसमेंट के तौर पर आए कामरान गुलाम ने पहली पारी में शतक जमाया तो स्पिनर साजिद खान ने इंग्लैंड को पहली पारी में सात झटके दिए। दूसरी पारी में नोमान अली की स्पिन गेंदों का कहर बरपा और उन्होंने आठ विकेट लिए।
'कामरान के लिए डेब्यू आसान नहीं था'
कप्तान ने टीम में हुए बदलावों पर बात करते हुए कहा- कभी-कभी विपक्षी टीम के हिसाब से रणनीति बनानी होती है। हमने मुल्तान में बहुत ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है। नौमान अली और साजिद खान का टीम में आना आसान नहीं था। दूसरी पारी में हमें तीसरे गेंदबाज की भी जरूरत नहीं पड़ी। टीम में सभी प्लेयर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। कामरान गुलाम के लिए डेब्यू आसान नहीं था। उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक की जगह ली। मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि कोई कितने दबाव में हो सकता है।