शाहिद अफरीदी ने कई बेतुके बयान दिए
दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले पर अफरीदी ने एक के बाद एक कई बेतुके बयान दिए हैं। उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'यह बेहद निराशादजनक है कि भारत ने एक बार फिर बिना किसी सबूत के दोषारोपण का सहारा लिया है। इस तरह की कार्रवाई केवल तनाव बढ़ाती है और क्षेत्र में शांति प्रयासों को बाधित करती है।' अफरीदी ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेलने की बजाय भारत को बातचीत में भाग लेकर मसलों को सुलझाना चाहिए और क्रिकेट को राजनीति से अछूता रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता बातचीत है। हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप का खेल स्थिति को और बिगाड़ेगा। खेल, विशेषकर क्रिकेट सभी राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होने चाहिए।'
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अफरीदी ने भारतीय मीडिया से लेकर सेना तक पर बेतुके बयान दिए
अफरीदी ने पाकिस्तानी मीडिया के सामने भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला था। उन्होंने बेतुका दावा करते हुए कहा था कि हमला हुआ नहीं कि 10 मिनट के अंदर नई दिल्ली ने इस्लामाबाद को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया। इस्लाम शांति से रहना सिखाता है। पाकिस्तान इस तरह की हरकतों का समर्थन नहीं करता है। भारत को खुद को दोषी ठहराना चाहिए। वहां अगर पटाखा भी फट जाता है तो आरोप पाकिस्तान पर लगता है।' इसके बाद अफरीदी ने भारतीय मीडिया पर भी बेबुनियाद आरोप मढ़े। उन्होंने कहा, 'हैरानी की बात है कि हमले के एक घंटे के अंदर ही उनका मीडिया बॉलीवुड में बदल गया। हर चीज को बॉलीवुड मत बनाओ। मैं हैरान हो गया, जिस तरह की वो बातें कर रहे थे। मैंने कहा देखो इनकी सोच, ये अपने आप को पढ़े लिखे लोग कहते हैं। हर टीवी चैनल पर पाकिस्तान पर बिना किसी सबूत के इल्जाम लगाए जा रहे थे।' अफरीदी यहीं नहीं रुके उन्होंने फिर मीडिया से बात करते हुए भारतीय सेना को लेकर भी बेतुके और बेबुनियाद बयान दिए।
दानिश कनेरिया ने शाहिद अफरीदी को लताड़ा
अब उनके बयानों पर दानिश कनेरिया ने तीखा हमला बोला है। कनेरिया ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) का सहारा लेते हुए अफरीदी को लतेड़ा है। कनेरिया ने लिखा, 'उन्होंने लगातार खुद को चरमपंथी विचारों के साथ जोड़ रखा है। मेरी राय में उन्हें भारतीय टेलीविजन या देश (पाकिस्तान) के भीतर मंच नहीं दिया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने मुझे इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मनाने की कोशिश की और मेरे साथ खाना खाने तक से इनकार कर दिया, जो मुझे बेहद अपमानजनक लगा।' कनेरिया ने इससे पहले भी पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान पर जमकर इल्जाम लगाए थे। यहां तक कि पाकिस्तानियों ने उन पर पाकिस्तान से खेलने और उसी पर इल्जाम लगाने के आरोप लगाए थे। कनेरिया ने सभी का जवाब दिया था। कनेरिया ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी घेरा था।
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'कनेरिया ने लिखा- मैं हिंदू हूं और मुझे इस बात पर गर्व है'
24 अप्रैल को एक ट्वीट का जवाब देते हुए कनेरिया ने लिखा, 'मैं हिंदू हूं। मुझे इस बात पर गर्व है। एक हिंदू के रूप में मैंने उस देश के लिए सेवा की और खेला जहां मैं पैदा हुआ, क्योंकि दुनिया में हिंदू चाहे कहीं भी रहें, वे अपने देश के प्रति वफादार और समर्पित रहते हैं। पाकिस्तान के लोगों ने मुझे प्यार दिया, लेकिन उसके शासकों ने मेरे साथ वैसा ही व्यवहार किया जैसा उन्होंने विभाजन के बाद से मेरे हिंदू भाइयों और बहनों के साथ किया था।' इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया और लिखा, 'जब पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री आतंकवादियों को 'स्वतंत्रता सेनानी' कहते हैं, तो यह न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह राज्य-प्रायोजित आतंकवाद की खुली स्वीकारोक्ति है।'
कनेरिया ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए
22 अप्रैल को अपने ट्वीट में कनेरिया ने कहा था, 'पहलगाम में एक और क्रूर हमला। बांग्लादेश से लेकर बंगाल और कश्मीर तक, एक ही मानसिकता हिंदुओं को निशाना बनाती है। लेकिन 'धर्मनिरपेक्ष' और न्यायपालिका इस बात पर जोर देते हैं कि हमलावर 'उत्पीड़ित अल्पसंख्यक' हैं। पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए।' इसके बाद किसी देवान सचल नाम के एक्स यूजर के पोस्ट पर उन्होंने जवाब दिया था। सचल ने लिखा था, 'भारत पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करता है.... शायद भारतीय RAW टीम कर्मा से सीख ले सकती है।' इसके जवाब में कनेरिया ने लिखा, 'बलूच लोगों की पीड़ा के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ खड़े होने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए। भारत के खिलाफ झूठे आरोप फैलाने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए। आप हमारे समुदाय के मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। किसी भी रूप में आतंकवाद का बचाव करना अपमानजनक है।'
'आतंकी लगातार हिंदुओं पर हमला करते हैं...'
फिर कनेरिया ने एक और पोस्ट करते हुए लिखा, 'ऐसा क्यों है कि आतंकी कभी स्थानीय कश्मीरियों को निशाना नहीं बनाते, बल्कि लगातार हिंदुओं पर हमला करते हैं...चाहे वे कश्मीरी पंडित हों या पूरे भारत से आए हिंदू पर्यटक? क्योंकि आतंकवाद, एक विचारधारा का पालन करता है और पूरी दुनिया इसकी कीमत चुका रही है।' कनेरिया ने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीनेटर बिल हैगर्टी के ट्वीट को रीट्वीट भी किया है। इसके बाद बुधवार को एक और पोस्ट में कनेरिया ने लिखा, 'अगर पाकिस्तान की पहलगाम आतंकी हमले में कोई भूमिका नहीं है, तो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अभी तक इसकी निंदा क्यों नहीं की? आपकी सेना अचानक हाई अलर्ट पर क्यों है? क्योंकि आप अंदर से सच्चाई जानते हैं। आप आतंकवादियों को पनाह और पोषण दे रहे हैं। शर्म आनी चाहिए आपको।'
भारत ने लिए थे पांच कड़े फैसले
पहलगाम हमले के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार शाम को नई दिल्ली में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 1960 की सिंधु जल संधि पर रोक लगाने, अटारी में एकीकृत जांच चौकी को तत्काल प्रभाव से बंद करने का भी फैसला किया। यह घोषणा की गई कि दक्षेस वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए ऐसे किसी भी वीजा को रद्द माना जाएगा।