दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि हर वर्ष एक खराब प्रदर्शन उन्हें याद दिलाता है कि टी-20 में ज्यादा दिमाग लगाने की जरूरत नहीं है। धोनी रिकॉर्ड 51 टी-20 मैचों की कप्तानी कर चुके हैं।
कटक में दूसरे मैच में छह विकेट से हार के बाद धोनी ने कहा कि हर साल टी-20 में हमने ऐसा एक प्रदर्शन देखा है जिसमें हम अच्छा नहीं खेल पाए। अब शायद हम अगले मैचों में खुलकर खेल सकेंगे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि खुलकर नहीं खेलने और जरूरत से ज्यादा सोचने से टी-20 में मामला पेंचीदा हो सकता है।
उन्होंने कहा, "मेरा निजी तौर पर मानना है कि मैंने इस प्रारूप में बहुत दिमाग लगाया। खुलकर अपने स्ट्रोक्स खेलना जरूरी था। मैंने शुरुआत में ऐसा ही किया। इस प्रारूप में आते ही बड़े शाट्स खेलना जरूरी है।"
'निचले क्रम में कोई और बल्लेबाज ले जिम्मेदारी'
बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आने के बारे में भारतीय कप्तान धोनी ने कहा, "अधिकांश समय जब मैं बल्लेबाजी के लिए जाता हूं, चाहे वह 16वां ओवर हो या 17वां चौथा ओवर हो या पांचवां। जब विकेट गिर जाते हैं तब भी मेरा मानना होता है कि 130 से ऊपर का स्कोर बनाना चाहिए। मैं बल्लेबाजी क्रम में इसलिए भी ऊपर आना चाहता हूं कि निचले क्रम में कोई और जिम्मेदारी ले। नंबर छह काफी महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने आगे कहा, "आप यह नहीं कह सकते कि इस क्रम पर कौन बढ़िया है। इस क्रम पर कई बल्लेबाज नहीं चले। हमने उन्हें ऊपरी क्रम पर अच्छा करते देखा है लेकिन निचले क्रम पर वे अच्छा नहीं कर पाते। यदि मैं नंबर पांच पर बल्लेबाजी करना शुरू करता हूं तो किसी और को यह जिम्मा संभालना होगा। आपके पास आने वाले समय के लिए बैकअप प्लान होना जरूरी है।"
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीकी कप्तान फैफ डु प्लेसिस ने भारत के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में टीम के गेंदबाजी प्रदर्शन को अब तक का सर्वश्रेष्ठ करार दिया। इससे लंबे दौरे में टीम की लय स्थापित हो गई है। भारतीय टीम को 17.2 ओवरों में 92 रनों पर ढेर करने के बाद सोमवार को दक्षिण अफ्रीका की टीम ने छह विकेट से शानदार जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि टी-20 में उन्होंने इतना अच्छा गेंदबाजी प्रदर्शन नहीं देखा। सभी गेंदबाजों को शानदार प्रदर्शन करते देखना अद्भुत था। भारत के खिलाफ उसके मैदानों पर 2-0 से बढ़त हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। हमें इस पर नाज है।