अनिल कुंबले के पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच की एक पारी में सभी 10 विकेट झटकने के एक दशक के बाद एक और भारतीय गेंदबाज ने यह कारनामा कर दिखाया है।
रेलवे के तेज गेंदबाज करन ठाकुर ने वड़ोदरा के रिलायंस स्टेडियम में हुए अंडर-25 सीके नायडू ट्रॉफी में शनिवार को ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में बड़ौदा की पूरी टीम को आउट कर सभी 10 विकेट अपने नाम किए।
चार दिवसीय इस मैच में दिल्ली के इस 23 वर्षीय गेंदबाज ने 28.5 ओवर में पांच मेडन डालते हुए 77 रन देकर 10 विकेट चटकाए। सीके नायडू ट्रॉफी में यह कारनामा करने वाले ठाकुर पहले गेंदबाज हैं।
लेकिन ठाकुर के इस रिकॉर्ड प्रदर्शन पर रेलवे के बल्लेबाजों ने पानी फेर दिया और टीम को दूसरे ही दिन 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
एमआरएफ पेस अकादमी में ठाकुर ने ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा से गेंदबाजी की ट्रेनिंग ली है।
रेलवे पहली पारी में सिर्फ 129 रन बनाकर सिमट गई थी। वहीं, ठाकुर की घातक गेंदबाजी के बावजूद बड़ौदा 248 रन बनाने में सफल रही और उसने 119 रन की बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में भी रेलवे 148 रन बना सकी। इस तरह बड़ौदा ने 29 रन के आसान लक्ष्य को बिना कोई विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया।
टेस्ट क्रिकेट में 2 बार हुआ कारनामा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा दो फिरकी गेंदबाजों ने किया है। सबसे पहले इंग्लैंड के फिरकी गेंदबाज जिम लेकर ने किया।
इसके बाद अनिल कुंबले ने भी यह कारनामा कर दिखाया। उन्होंने आठ फरवरी 1999 को नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में सभी 10 विकेट लिया।