साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद सचिन बहुत से कामों में व्यस्त हैं लेकिन इसके बावजूद वह भारत में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बहुत से काम कर रहे हैं। सचिन ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को स्कूली क्रिकेट टीम में 11 की जगह 14 खिलाड़ियों को खिलाने की सलाह दी थी। 2013 में सचिन ने जब यह प्रस्ताव दिया था तब उन्हें इसपर मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली थी। लेकिन अब तीन साल बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने सचिन के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
इस प्रस्ताव को लागू करने से क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ेगी
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : getty
इस प्रस्ताव के पास होने के बाद पारंपरिक तौर पर एक टीम में अधिकतम 11 खिलाड़ियों के खेलने वाली परंपरा समाप्त हो जाएगी। ऐसा करने से बच्चों के बीच क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ेगी और ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को स्कूली क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। मुंबई क्रिकेट बोर्ड ने फैसला किया है कि वह इस नियम को जानी-मानी हैरिस शील्ड और जाइल्स शील्ड प्रतियोगिताओं में लागू करेगी। दोनों ही प्रतियोगिताएं मुंबई की प्रतिष्ठित स्कूल स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताएं हैं। इसी प्रतियोगिता से सचिन तेंदुकर पहली बार क्रिकेट जगत की सुर्खियों में आए थे। हैरिस शील्ड प्रतियोगिता के एक मैच में सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली के बीच 664 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी हुई थी।
मुबंई के स्कूल क्रिकेट एसोसिशएन ने भी हरी झंडी दिखाई
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : getty
इस प्रस्ताव के अनुरूप सभी टीमों के 14 खिलाड़ी गेंदबाजी और बल्लेबाजी कर सकेंगे। इस नियम को लागू करने के लिए मुबंई के स्कूल क्रिकेट एसोसिशएन ने भी हरी झंडी दिखा दी है। प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा, मुझे खुशी है कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने मेरे सुझाव को मान लिया है इसके बाद स्कूली स्तर पर ज्यादा से ज्यादा बच्चे क्रिकेट गतिविधियों में शामिल होंगे। इस निर्णय से नए क्रिकेटरों को प्रोत्साहन मिलेगा। मैं एमसीए के इस निर्णय का स्वागत करता हूं।