भारत और न्यूजीलैंड की महिला टीम के बीच पांच वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मैच भी न्यूजीलैंड ने जीत लिया है। तीसरे मैच मे न्यूजीलैंड ने भारत को तीन विकेट के करीबी अंतर से हराया। इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज अपने नाम कर ली है। भारतीय टीम ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 279 रन बनाए थे और कीवी टीम ने सात विकेट खोकर लक्ष्य का पीछा कर लिया। वनडे में न्यूजीलैंड की महिला टीम ने पहली बार भारत के खिलाफ इतने बड़े लक्ष्य का पीछा किया है।
महिला क्रिकेट के इतिहास में यह दूसरी सबसे बड़ी रन चेज है। इससे पहले 2012 में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 289 रन का पीछा किया था। दूसरी पारी में सबसे ब्ड़ा स्कोर दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम ने बनाया है। 2017 में अफ्रीका ने 305 रन बनाए थे, लेकिन अफ्रीकी महिला टीम यह मैच हार गई थी।
भारतीय बल्लेबाजों का शानदार प्रदर्शन
इस मैच में एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। टॉस हराकर पहले बल्लेबाजी करते हुए महिला टीम ने 49.3 ओवर में सभी 10 विकेट खोकर 279 रन बनाए। मेघना और शेफाली वर्मा ने शानदार शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़े। मेघना ने 61 और वर्मा ने 51 रन बनाए। इसके बाद मध्यक्रम में कोई बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सकी, लेकिन दीप्ती शर्मा ने 69 रनों के बेहतरीन पारी खेलकर भारत का स्कोर 279 तक पहुंचाया।
न्यूजीलैंड के लिए हना रोवे और रोसमैरी मायर ने दो-दो विकेट लिए, जबकि ताहुहु को कोई विकेट नहीं मिला। इसके अलावा बाकी सभी गेंदबाजों ने एक-एक विकेट लिया।
न्यूजीलैंड ने सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा किया
280 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम ने 14 रन के अंदर दो विकेट गंवा दिए थे और हार की कागार पर खड़ी थी, लेकिन एमेलिया केर और एमी सेटेरवेट ने पारी को संभाला। केर ने 67 और सेटेरवेट ने 59 रन बनाए। इन दोनों के आउट होने के बाद मैडी ग्रीन 24 और लॉरेन डाउन 64 ने पारी संभाली। अंत में मैकाय ने 12 गेंदों में 17 रन बनाकर मैच और सीरीज अपने नाम की।
भारत के लिए झूलन गोस्वामी ने तीन विकेट झटके और बाकी सभी गेंदबाजों को एक-एक विकेट मिला। इस मैच में भारत की स्पिन गेंदबाज एकता बिष्ट और दीप्ती शर्मा ने 6.20 की इकोनॉमी से रन खर्चे इसी वजह से भारत को हार का सामना करना पड़ा।
खराब फील्डिंग की वजह से मैच हार रहा भारत
पिछले मैच की तरह इस मैच में भी भारतीय टीम ने रन आउट के मौके गंवाए और कैच भी छोड़े। इसी वजह से न्यूजीलैंड की बल्लेबाज खुलकर बल्लेबाजी कर पाईं। मैच हारने के बाद भारत की कप्तान मिताली राज ने भी इस बात की तरफ इशारा किया। वर्ल्डकप से पहले भारतीय टीम को इस कमजोरी को दूर करना होगा। आने वाले समय में कैच छोड़ने पर टीम वर्ल्डकप में लीग स्टेज में ही हारकर बाहर हो सकती है।