जिम्बाब्वे दौरे में शुरुआती तीन मैच जीतकर टीम इंडिया पहले ही सीरीज में अजेय बढ़त ले चुकी है। ऐसे में टीम के साथ पहली बार विदेशी दौरे पर गए खिलाड़ियों के लिए अंतिम एकादश में जगह बनाने का सुनहरा अवसर है।
विराट कोहली की अगुवाई में भारत को सीरीज के शेष दो मैच बुलायावो में खेलने हैं। संभावना है कि अगले दो मैचों में शेष युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए।
भारत की वनडे टीम में पहली बार शामिल जम्मू-कश्मीर के स्पिनर आलराउंडर परवेज रसूल के साथ-साथ बेहतरीन बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और तेज गेंदबाज मोहित शर्मा को भी सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला है।
हालांकि पुजारा इससे पहले टेस्ट टीम में शामिल रहे हैं और वहां पर उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई है।
अजिंक्य रहाणे भी टीम के साथ हैं और वह 16 वनडे मैच खेल चुके हैं, लेकिन जारी सीरीज में उन्हें एक बार भी टीम एकादश में शामिल नहीं किया गया है।
उम्मीद है कि इन चार खिलाड़ियों में से कुछ को एक अगस्त को होने वाले चौथे वनडे में अंतिम एकादश में शामिल किया जाए।
इतिहास रचने से एक कदम दूर रसूल
इन चार खिलाड़ियों में सबकी निगाहें 24 वर्षीय फिरकी गेंदबाज रसूल पर टिकी है। यदि रसूल को टीम इंडिया में मौका मिलता है तो वह राष्ट्रीय टीम में खेलने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले क्रिकेटर बन जाएंगे।
रसूल से पहले जम्मू-कश्मीर के आबिद नबी, सुरेन्द्र सिंह और अब्दुल कयूम राष्ट्रीय टीम के लिए चुने गए थे लेकिन वह कभी भारत के लिए अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाए थे।
चौथे वनडे में रसूल को मौका मिलने की सूरत में आलराउंडर रवींद्र जडेजा या लेग स्पिनर अमित मिश्रा में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता है।
जम्मू-कश्मीर के बिजबेहरा में जन्मे 24 वर्षीय रसूल भारत 'ए' के अलावा आईपीएल में पुणे वॉरियर्स के लिए खेल चुके हैं। रसूल ने 17 प्रथम श्रेणी मैचों में 1003 रन बनाने के अलावा 46 विकेट भी हासिल किए हैं।
भारत ने सीरीज के पहले ही मैच में बल्लेबाज अंबाती रायडू और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट को वनडे पदार्पण करने का मौका दिया था। इन दोनों खिलाड़ियों के साथ वनडे इतिहास में भारत के लिए वनडे खेलने वाले खिलाड़ियों की संख्या 197 पहुंच चुकी है।