शार्दुल ठाकुर के आउट होने के बाद नवदीप सैनी जब बल्लेबाजी करने आए तो ग्रैंडहोम गेंदबाजी कर रहे थे। पहली चार की चार गेंद पर सैनी कोई रन नहीं बना पाए, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर मिड ऑफ की दिशा में उन्होंने एक चौका लगाया। इसके बाद सैनी समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते दिखे। उन्होंने एक-एक रन लेकर स्ट्राइक रोटेट की।
बीच-बीच में चौके लगाए। 35वें ओवर में भी उन्होंने नीशम को भी एक चौका लगाया। फिर कुछ गेंद के बाद नीशम पर ही सैनी ने एक छक्का लगाया। दर्शकों को सबसे ज्यादा मजा आया 44वें ओवर में। सैनी के सामने ग्रैंडहोम थे। इस ओवर में सैनी ने ग्रैंडहोम को तीन चौके लगाए।
एक्सट्रा कवर और थर्ड मैन की तरफ शॉट्स जब बाउंड्री पार गए तो दर्शकों ने खूब ताली बजाई। अगले ओवर में सैनी ने जेमीसन को एक छक्का भी लगाया। उन्होंने जडेजा के साथ मिलकर स्कोरबोर्ड को सवा दो सौ रनों के पार पहुंचा दिया।
यानी अब जीत करीब पचास रन दूर ही थी। ऐसा लगा कि एकाध ओवर सैनी और क्रीज पर रूक गए तो बाजी पलट सकती है, लेकिन जेमीसन ने एक छक्का खाने के बाद अगली गेंद पर नवदीप सैनी को बोल्ड कर दिया। जिसके बाद भारतीय टीम 22 रन के भीतर ऑल आउट हो गई।
नवदीप सैनी की बल्लेबाजी
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टीवी स्क्रीन से चिपके क्रिकेट फैंस ने देखा कि नवदीप सैनी हर शॉट के बाद मुस्करा रहे थे। चौके छक्के के बाद उनके चेहरे पर एक मुस्कान थी। इस मुस्कान की वजह को समझना होगा। दरअसल विराट कोहली अपनी टीम के बैटिंग लाइन अप में गहराई लाने के लिए एक ऐसे गेंदबाज को मौका देते हैं जो बल्लेबाजी भी कर सकता हो। शार्दुल ठाकुर इसी खासियत की वजह से प्लेइंग 11 में शामिल किए जाते हैं।
टीम के पहले दो तेज गेंदबाज के तौर पर जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी हैं। तीसरे तेज गेंदबाज के तौर पर अगर टीम में नियमित जगह चाहिए तो बल्लेबाजी आनी चाहिए। यही ये कसौटी है जहां नवदीप सैनी को खुद को साबित करना है। विराट कोहली अच्छी तरह जानते हैं कि बतौर गेंदबाज नवदीप सैनी शार्दुल ठाकुर से कहीं बेहतर विकल्प हैं। उनकी गेंदबाजी में रफ्तार और वेरिएशन शार्दुल ठाकुर से ज्यादा है, लेकिन शार्दुल ठाकुर की बल्लेबाजी विराट कोहली को प्रभावित करती है।
ऑकलैंड वन-डे में नवदीप सैनी ने बड़े बड़े शॉट्स खेलकर ये संदेश देने की कोशिश की है कि उन्हें बल्लेबाजी में जीरो ना समझा जाए। ये आंकड़ा भी दिलचस्प है कि फर्स्ट क्लास से लेकर क्रिकेट के जितने भी फॉर्मेट में अब तक सैनी मैदान में उतरे हैं उसमें 45 ही उनका अब तक सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। अगर अगले कुछ मैचों में उन्होंने ये संदेश इसी मजबूती से दिया तो निश्चित तौर पर आप उन्हें प्लेइंग 11 में और ज्यादा मौके मिलते देखेंगे।