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रुंधे गले और बहते आंसू के साथ क्रिकेट को कहा अलविदा, धोनी की वजह से नहीं बना पाए टीम इंडिया में जगह

Tue, 16 Feb 2021 08:36 AM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नमन ओझा, एमएस धोनी - फोटो : social media
लगभग दो दशक तक घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज नमन ओझा ने सोमवार को क्रिकेट को अलविदा कह दिया। संन्यास की घोषणा करते समय ओझा की आंखे नम हो गई थी। नमन ने जैसे ही बोलना शुरू किया तो उनके एक एक शब्द लड़खड़ा रहे थे।
 
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नमन ओझा - फोटो : social media
हालत ऐसी हो गई थी कि मोबाइल में लिखा हुआ बयान भी ठीक से नहीं पढ़ पा रहा था यह क्रिकेटर। हालांकि, बाद में उन्होंने खुद को संभाला और रुंधे गले से अपनी औपचारिकता निभाई। संन्यास की घोषणा करते समय ओझा ने कहा, 'मैं क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले रहा हूं। यह लंबा सफर था और राज्य एवं राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का मेरा सपना पूरा हुआ।'
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नमन ओझा
इस दौरान उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय टीम में मौका देने के लिए मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का शुक्रिया अदा किया। रणजी में सबसे ज्यादा शिकार करने वाले इस भारतीय विकेटकीपर ने कहा, 'मैं अपने करियर के दौरान साथ देने के लिए एमपीसीए, बीसीसीआई और साथी खिलाड़ियों और कोचों के अलावा आपने परिवार और दोस्तों का शुक्रिया करना चाहूंगा।'

 

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नमन ओझा
ओझा ने कहा, 'मेरे पीठ में दर्द की समस्या है ऐसे में लंबे प्रारूप में मुझे समस्या हो रही थी। इसका एक और कारण यह भी है कि किसी टीम से जुड़ने के बाद मुझे कम से कम छह महीने तक उनके साथ रहना होगा। मैं परिवार के साथ समय बिताना चाहता हूं।' रणजी ट्रॉफी में विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा शिकार (351) का रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले मध्यप्रदेश के इस दिग्गज ने कहा कि वह अब दुनिया भर के टी-20 लीगों में खेलना चाहते हैं। 
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एमएस धोनी - फोटो : social media
महज 17 साल की उम्र में 2000-01 सत्र से घरेलू क्रिकेट में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले इस खिलाड़ी के लिए करिश्माई महेंद्र सिंह धोनी के युग में राष्ट्रीय टीम के लिए अधिक मौके मिलना मुश्किल हो गया। घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद 2010 में श्रीलंका के खिलाफ वन-डे और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के दो मैचों में खेलने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें टीम में मौका नहीं मिला।
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नमन ओझा - फोटो : BCCI
भारत ए के साथ 2014 ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने के बाद 2015 में उन्हें भारतीय टेस्ट टीम के लिए चुना गया। श्रीलंका दौरे पर तीसरे टेस्ट में उन्हें डेब्यू का मौका मिला था, जिसमें उन्होंने पहली पारी में 21 और दूसरी पारी में 35 रन का योगदान दिया था।
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naman ojha
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 143 मैचों में 41.67 की औसत से 9753 रन (रणजी में 7861 रन) बनाने के साथ विकेट के पीछे 54 स्टंपिंग सहित 471 शिकार करने वाले ओझा ने कहा कि उन्हें दूसरी टीमों से घरेलू क्रिकेट में खेलने का प्रस्ताव मिला था लेकिन परिवार को प्राथमिकता देने के कारण उन्होंने इस अस्वीकार कर दिया। उन्होंने पिछले साल जनवरी में उत्तर प्रदेश के खिलाफ अपना आखिरी रणजी मैच खेला था। उन्होंने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) और सनराइजर्स हैदराबाद का प्रतिनिधित्व किया है। वह खिताब जीतने वाली सनराइजर्स हैदराबाद के सदस्य थे।
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