सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) की ओर से बीसीसीआई की विशेष आम सभा (एसजीएम) को पहले मंजूरी देने और फिर शिकंजा कसने के बाद रविवार को यह बैठक बुला तो ली गई, लेकिन इसे टालना पड़ा। खास बात यह रही बीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीके खन्ना की अगुवाई में आयोजित इस बैठक में लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर खरे नहीं उतरने वाले एन श्रीनिवासन, निरंजन शाह और टीसी मैथ्यु जैसे लोग भी शामिल हुए।
बैठक शुरू तो हुई, लेकिन आईसीसी में बीसीसीआई की नुमाइंदगी को लेकर सीओए की ओर से सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने के चलते बैठक को टाल दिया गया। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों का तर्क है कि कोर्ट के आदेशों का कहीं एक बार फिर उल्लंघन न हो इस लिए बैठक टालना बेहतर है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सोमवार को इस मुद्दे पर सुनवाई होनी है। यही कारण है कि एसजीएम को एक बार फिर बुधवार को बुलाया गया है।
तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन का कहना है कि बैठक में शामिल एजेंडा आइटम को लेकर कुछ कानूनी दांवपेंच हैं। सोमवार को अदालत के फैसले का इंतजार करना बेहतर है, इसके बाद देखते हैं कि बैठक को बुधवार को बुलाया जा सकता है या नहीं। वहीं सीके खन्ना का कहना है कि बैठक को एक बार फिर बुधवार को बुलाया जा रहा है।
बैठक का मुख्य एजेंडा आईसीसी में बोर्ड प्रतिनिधि की नुमाइंदगी तय करना था। माना जा रहा था कि यह जिम्मेदारी श्रीनिवासन को दी जाएगी। सीओए को जब इसकी भनक को लगी तो उन्होंने बैठक के आयोजन से पहले नियमावली निकाली दी, जिसमें साफ किया गया कि बैठक में वहीं भाग ले सकते हैं जो लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर खरे उतरते हैं। सीओए का इशारा श्रीनिवासन की ओर था। श्रीनिवासन 70 के हो चुके हैं। बीसीसीआई में उनके नौ साल भी हो चुके हैं। टीएनसीए में भी उनके नौ साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्होंने अध्यक्ष पद नहीं छोड़ा है। यही कारण है कि बैठक शुरू होने से पहले ही सीओए ने सुप्रीम कोर्ट में केस डालते हुए आदेश मांग लिया कि बोर्ड की ओर से आईसीसी में जाने वाले कौन से पदाधिकारी योग्य हो सकते हैं? कोर्ट को इस संबंध में कल फैसला सुनाना है। अगर एसजीएम में आईसीसी में नुमाइंदगी को लेकर फैसला कर लिया जाता तो एक बार फिर कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होता, जिसके चलते इसे टालना बेहतर समझा गया।
बैठक में राजीव शुक्ला, सौरव गांगुली, रंजीव बिस्वाल शामिल हुए, लेकिन अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के ने दूरी बनाकर रखी।