भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की शैली हमेशा ही चर्चा का विषय रही है जिस पर कई बार सवाल भी खड़े होते रहे हैं। लेकिन टीम के स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती गंभीर के साथ अच्छी तरह कदमताल मिलाते हैं। वरुण का कहना है कि गंभीर ने टीम में ऐसी मानसिकता भरी है जिसमें हार और औसत दर्जे के प्रदर्शन के लिए कोई जगह नहीं बचती।
केकेआर भी गंभीर के साथ काम कर चुके हैं वरुण
वरुण और गंभीर का साथ भारतीय टीम से भी पहले का है। वरुण गंभीर के साथ आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) टीम में काम कर चुके हैं। वरुण हाल ही में संपन्न हुए एशिया कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे। वरुण ने एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा, मैं उनके साथ आईपीएल में काम कर चुका हूं और हम 2024 में जीते थे। मेरे लिए कुछ नया नहीं है क्योंकि मैं उनके साथ काम कर चुका हूं। मैं उनके बारे में यह कह सकता हूं कि वह टीम को इस तरीके से तैयार करते हैं जिसमें हारने का विकल्प नहीं होता। आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है और मैदान पर सब कुछ झोंक देना है। उसके बाद जो होगा, वह होगा। जब वह होते हैं तो औसत प्रदर्शन नहीं चलता। यह मेरा मानना है।
वरुण बोले- रहस्यमयी स्पिनर का दर्जा मीडिया ने दिया
वरुण ने यह भी कहा कि उन्हें रहस्यमयी स्पिनर का दर्जा मीडिया ने दिया है और वह अपने बारे में ऐसा नहीं सोचते। उन्होंने कहा, मैने कभी खुद को रहस्यमयी गेंदबाज नहीं कहा। मीडिया ने यह नाम दिया है लेकिन अगर आप मुझे यह बुलाना चाहते हो तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन बात सिर्फ यह है कि मैं हर गेंद को समान पकड़ और रिलीज प्वाइंट से डाल सकता हूं जिससे उसे भांपना मुश्किल हो जाता है।
एशिया कप के दौरान खिलाड़ियों ने बंद कर दिए थे सोशल मीडिया अकाउंट
विवादों से घिरे एशिया कप के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि टीम का फोकस अपराजेय रहने पर था और हमने बाहरी आवाजों पर ध्यान नहीं दिया। एशिया कप में भारत को जीतने के बावजूद ट्रॉफी और पदकों के बिना लौटना पड़ा था। वरुण ने कहा, हम मैच से पहले रणनीति बनाते हैं और फाइनल से पहले दो बार हम पाकिस्तान से खेल चुके थे तो हमें पता था कि क्या रणनीति होनी चाहिए। हम अपराजेय रहकर एशिया कप जीतने ही गए थे। हम सभी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए थे और मैच के बाद कुछ पोस्ट करने के लिए ही उस पर जाते थे। पता नहीं भारत में कैसा माहौल था लेकिन वहां यूएई में सब खामोश था।