अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों की दगाबाजी से आहत कप्तान राहुल द्रविड़ अपने साथियों के इस हरकत से पूरी तरह अनजान थे।
दिल्ली पुलिस द्वारा स्पॉट फिक्सिंग मामले में गवाह बनाए गए पूर्व कप्तान द्रविड़ ने कहा, 'मैं उस समय बहुत दुखी था जब आईपीएल के दौरान स्पॉट फिक्सिंग मामले में तीन साथी क्रिकेटर एस श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण के बारे में खबरें सुनी।'
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, उन्होंने स्पेशल सेल के अधिकारियों से यहां तक कह डाला कि अगर उन्हें इन खिलाड़ियों की गतिविधियों के बारे में कुछ भी भनक लगती, तो वह उन्हें टीम में शामिल ही नहीं करते।
द्रविड़ ने यह बयान तब दिया जब दिल्ली पुलिस पिछले हफ्ते उनका बयान रिकॉर्ड करने उनके घर पहुंची थी। पुलिस ने उनका यह बयान पिछले बुधवार को रिकॉर्ड किया था।
द्रविड़ ने बताया कि वह और उनके कोच पैडी ऑप्टन ही हर मैच से पूर्व यह तय करते थे कि उस मैच में टीम के अंतिम एकादश में किसे शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा, 'टीम का चयन परिस्थितियों, मौसम का मिजाज और कई अन्य चीजों को देखकर मैच दर मैच किया जाता था। अगर मुझे उनके स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने के बारे में जानता तो मैं उन्हें अंतिम एकादश में नहीं रखता।'
टीम के कोच का बयान नहीं ले सकी पुलिस
दिल्ली पुलिस ने कप्तान द्रविड़ के अलावा कोच ऑप्टन से भी उनका बयान रिकॉर्ड करने की कोशिश की थी, लेकिन वह इस समय दक्षिण अफ्रीका में हैं।
कप्तान के अलावा राजस्थान रॉयल्स के सीएफओ और सीईओ समेत कई अन्य लोगों के बयान रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। द्रविड़ का बयान सीआरपीसी की धारा 161 के अंतर्गत रिकॉर्ड किया गया था।