कमजोर गेंदबाजी के चलते हारी मुंबई
टूर्नामेंट की शुरुआत भी इसी अंदाज में हुई। टीम की गेंदबाजी में कोई दम नहीं था। रोहित और किशन की ओपनिंग जोड़ी लगातार फ्लॉप हो रही थी। मध्यक्रम में अकेले तिलक वर्मा अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। टीम सम्मानजनक स्कोर तक तो पहुंच रही थी, लेकिन मैच नहीं जीत पा रही थी। गेंदबाजी में पीयूष चावला अच्छी लय में थे, लेकिन उन्हें बाकी गेंदबाजों का साथ नहीं मिल रहा था। दो हार के बाद रोहित ने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी होगी और अगले ही मैच में उन्होंने 65 रन की शानदार पारी खेल दिल्ली के खिलाफ टीम को जीत दिलाई।
अगले दो मुकाबलों में ईशान किशन, कैमरून ग्रीन ने अच्छा प्रदर्शन कर जीत दिलाई। सूर्यकुमार ने भी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। गेंदबाजी में अर्जुन तेंदुलकर और कई अन्य विकल्पों को आजमाया गया, लेकिन कुछ काम नहीं आया। बल्लेबाजी के दम पर लगातार तीन मैच जीतने वाली मुंबई की टीम को लगातार दो हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अब तक टीम के सभी बल्लेबाज लय में आ गए थे। तिलक चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो चुके थे, लेकिन नेहल वधेरा उनकी जगह ले चुके थे और अच्छा खेल दिखा रहे थे।
पांच बार 200 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया
बल्लेबाजी सही करने के बाद रोहित ने गेंदबाजी पर ध्यान दिया और अर्शद खान, आकाश मधवाल जैसे युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया। इस बीच आर्चर फिर से चोटिल होकर पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके थे। ऐसे में रोहित ने जेसन बेहरनडॉर्फ पर भरोसा जताया और भारत के युवा गेंदबाजों के साथ मिलकर गेंदबाजी अटैक तैयार किया। मुंबई की गेंदबाजी अभी भी पूरे रंग में नहीं थी, लेकिन बल्लेबाज इसके लिए तैयार थे। यही वजह थी कि इस टीम ने सीजन में पांच बार 200 रन से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया। सूर्यकुमार यादव ने फॉर्म में वापसी की और आईपीएल में अपना पहला शतक लगाया। उन्होंने लगातार रन बनाए। अहम मैचों में रोहित, टिम डेविड और कैमरून ग्रीन में भी बेहतरीन पारियां खेलीं। लगातार मौके मिलने के बाद नेहल वधेरा और आकाश मधवाल ने भी अपनी प्रतिभा जाहिर की। वहीं, पीयूष चावला ने अपनी दमदार वापसी करते हुए पूरे सीजन मुंबई के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है।
प्लेऑफ में खतरनाक हो जाती है मुंबई
लखनऊ के खिलाफ मैच में मुंबई इंडियंस आखिरी ओवर में हार गई थी, लेकिन इसके अलावा लीग मैच के आखिरी चार मैचों में मुंबई का प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि, मुंबई की गेंदबाजी में अभी भी कई कमियां हैं, लेकिन बल्लेबाजों और किस्मत के दम पर यह टीम प्लेऑफ में पहुंच गई है। प्लेऑफ में पहुंचने के बाद मुंबई की टीम बेहद खतरनाक हो जाती है। ऐसे में बाकी तीनों टीमों को मुंबई से सावधान रहना होगा।