भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें मोहाली में जब रविवार को आमने-सामने होंगी तो दोनों की प्लानिंग इस बात पर होगी कि वे इस मैच को जीतकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर लें। अगर धोनी की टीम इंडिया की बात करें तो बतौर मेजबान उसे घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिल सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कंगारुओं के लिए यहां पर खेलना मुश्किल भरा होगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम में ढेरों ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके पास भारत में लगातार खेलने का अनुभव है क्योंकि पिछले कई सालों से वे आईपीएल खेल रहे हैं।
धोनी की टीम इस साल टी-20 में बेहद शानदार प्रदर्शन कर रही है और 13 मैचों में उसे सिर्फ 2 में ही हार मिली है। हालांकि इस मैच से पहले टीम इंडिया के रिकॉर्ड की बात करें तो बेहद दिलचस्प भी है। इसी साल की शुरुआत में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में 3 मैचों की टी-20 सीरीज में पहली बार कोई क्लीन स्वीप की। वहीं कंगारू टीम भारत को कभी भी उसके घर में नहीं हरा सकी है।
अब एक तरह से यह मुकाबला क्वार्टर फाइनल सरीखा हो गया है क्योंकि इस मैच के बाद न तो रन रेट देखा जाएगा और न ही अंकतालिका में टीम की स्थिति, जो भी टीम जीतेगी उसे ही सेमीफाइनल में जगह मिलेगी। वर्ल्ड कप में कंगारुओं की चुनौती इसी मैच के साथ खत्म करने के लिए कप्तान धोनी को कुछ खास तरीके की योजना पर काम करना होगा। आइए, जानते हैं कि चतुर कप्तान धोनी के पास इस मैच में वो 7 कौन सी चुनौतियां होगी जिससे उन्हें पार पाना होगा।
शीर्ष क्रम के ये3 बल्लेबाजों बन सकते हैं धोनी के लिए मुसीबत
टीम इंडिया
ऑस्ट्रेलिया पिछले 5 संस्करणों से एक बार भी टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत सका है और इस बार स्टीव स्मिथ की अगुवाई में कंगारू टीम कुछ अलग करना चाह रही है। मोहाली में 'सुपर संडे' को होने वाले मुकाबले में धोनी के तरकश में वो 7 कौन से तीर होने चाहिए जो उनकी योजना पर सही समय पर सही तरीके से काम आए।
पहला, पाक मूल के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा इन दिनों फॉर्म में चल रहे हैं और पाकिस्तान के खिलाफ मैच में वह 16 गेंदों पर 21 रन बना सके थे। इससे पहले वह बिग बैश टी-20 टूर्नामेंट में भी काफी कामयाब रहे थे। उनके फॉर्म को देखते हुए धोनी को उन्हें सस्ते में निपटाने की योजना बनानी होगी।
दूसरा, टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी कप्तान स्टीव स्मिथ हैं जो इस टीम के खिलाफ लगातार रन बनाते रहे हैं। साथ ही पाक के खिलाफ उन्होंने 43 गेंदों में नाबाद 61 रनों की पारी खेलकर फॉर्म हासिल भी कर ली है। इससे पहले वह न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ 6 और 14 रन ही बना सके थे। अब जब वह अपने पुराने लय में लौट आए हैं तो उन पर खास रणनीति बनानी होगी क्योंकि पहले कई मौकों पर उन्होंने अपनी टीम की खराब शुरुआत के बाद अच्छी पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों के मेहनत पर पानी फेरे हैं।
तीसरा, इस वर्ल्ड कप के बाद से संन्यास लेने का ऐलान कर चुके शेन वाटसन अपने संभावित अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में धमाकेदार पारी खेलने को बेताब होंगे, लेकिन धोनी के धुरंधर इस कोशिश में होंगे कि इस मैच में वह बिल्कुल न चलें। उन्हें सस्ते में आउट करना आसान नहीं होगा। अपने पिछले मैच में जो यहीं मोहाली में ही खेला गया था उसमें उन्होंने 28 गेंदों में नाबाद 44 रनों की पारी खेली थी वह वर्ल्ड कप में लगातार रन बना रहे हैं साथ ही बेहतरीन गेंदबाज हैं। वह टी-20 में अपनी टीम के सबसे सफल गेंदबाज भी हैं।
कंगारू टीम के नए फिरकी गेंदबाज से रहना होगा सजग
ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को हराया
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कप्तान धोनी के पास इस मैच में जो 7 संभावित चुनौतियां हैं उनमें शेष 4 चुनौती यह भी है।
चौथा, भारत के खिलाफ कई मैचों में जीत के नायक की भूमिका निभाने वाले ग्लेन मैक्सवेल स्लॉग ओवर्स में तेजी से रन बनाते हैं। उन्होंने मोहाली में काफी टी-20 मैच भी खेले हैं ऐसे में उन्हें रोकने के लिए फिरकी गेंदबाजों की जोड़ी आर अश्विन और रविंद्र जडेजा के भरोसे रहना होगा जो इस बल्लेबाज को आउट कर सकते हैं।
पांचवां, कंगारू टीम में एक नया फिरकी गेंदबाज आया है, नाम है एडम जंपा। इस लेग ब्रेक गुगली गेंदबाज ने वर्ल्ड कप से तुरंत पहले ही अपने करियर की शुरुआत की है। करियर के शुरुआती 3 मैचों तक अपने पहले विकेट की तलाश करने वाले जंपा ने चौथे मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 3 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार हासिल कर लिया था। फिर पाक के खिलाफ इसी मोहाली मैदान पर भी 2 विकेट झटके थे। इस तरह से यह युवा फिरकी गेंदबाज अब लय में आ गया है और धोनी के लड़ाकों को इस बात से सजग रहना होगा कि आते ही उन पर रन बनाने की कोशिश के बजाए उन्हें थोड़ा समझने में वक्त लगाएं।
छठा, वर्ल्ड कप में मध्य क्रम में बल्लेबाजी कर रहे विस्फोटक बल्लेबाज डेविड वार्नर पर लगाम लगाने के लिए धोनी को खास योजना पर काम करना होगा। वह क्रीज पर आते ही आक्रामक हो जाते हैं। भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें काफी परखा हुआ है और उनके बल्लेबाजी शैली से परिचित भी हैं तो गेंदबाजों को उनसे ज्यादा मौके नहीं देने चाहिए, खासकर आशीष नेहरा को।
सातवां, टीम इंडिया के शीर्ष फिरकी गेंदबाज आर अश्विन इस मैच में भी धोनी के खास हथियार होंगे। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में नाजुक मोड़ पर भारत को 2 कीमती सफलता दिलाने वाले अश्विन इस मैच में भी टीम के खेवनहार बन सकते हैं। यह मैदान फिरकी गेंदबाजों के अनुकूल होगा ऐसे में अश्विन को जडेजा का भरपूर साथ मिले तो टीम के बेहद शानदार हो जाएगा।