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INDvWI: बीसीसीआई-एमपीसीए में मुफ्त टिकटों को लेकर टकराव, खतरे में पड़ा इंदौर वन-डे

Sun, 30 Sep 2018 03:45 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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team india
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टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले दूसरे वन-डे मैच का इंतजार क्रिकेट फैंस बेसब्री से कर रहे थे, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही उनकी उम्मीदों को मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने तगड़ा झटका दे दिया है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 24 अक्तूबर को इंदौर में होने वाले वनडे इंटरनेशनल मैच को शिफ्ट किया जा सकता है क्योंकि मुफ्त पास को लेकर बीसीसीआई और एमपीसीए में मतभेद हैं।

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दरअसल बीसीसीआई के नए नियमों के अनुसार स्टेडियम की कुल क्षमता में 90 प्रतिशत टिकट सार्वजनिक बिक्री के लिए सुरक्षित रखे जाने चाहिए। इसका मतलब यह हुआ कि एमपीसीए को सिर्फ 10 प्रतिशत टिकट ही मुफ्त में देने का अधिकार है। इस मामले में होल्कर स्टेडियम की क्षमता 27, 000 दर्शकों की है और एमपीसीए के पास 27, 00 मुफ्त टिकट होंगे।

एमपीसीए के संयुक्त सचिव मिलिंद कनमादिकर के मुताबिक एमपीसीए की प्रबंध समिति ने फैसला किया है कि अगर बीसीसीआई मुफ्त टिकट की अपनी मांग से पीछे नहीं हटता है तो इंदौर में भारत-वेस्टइंडीज के बीच दूसरे वनडे मैच का आयोजन नहीं होगा। इस बार में बीसीसीआई को भी जानकारी दे दी गई है।
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कनमादिकर ने कहा, 'हमें भी अपने सदस्यों, विभिन्न सरकारी एजेंसियों की मांग को पूरा करना होता है।' मुफ्त पास हमेशा बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त इकाईयों के साथ मुद्दा रहा है, लेकिन बीसीसीआई ने इसे कनमादिकर की ओर से 'ब्लैकमेल की रणनीति' करार दिया है।

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बीसीसीआई
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम इंदौर से मैच को शिफ्ट नहीं करना चाहते, लेकिन अगर वे परेशानी पैदा करेंगे तो हमें वैकल्पिक स्थल तैयार करना होगा। यह कनमादिकर की ओर से पूरी तरह से ब्लैकमेल करने की रणनीति है।' अधिकारी ने सुझाव दिया कि मुद्दा टिकट नहीं बल्कि कुछ और है।

उन्होंने कहा, 'भारत के 2017 के वेस्टइंडीज दौरे के दौरान मिलिंद कनमादिकर को प्रशासनिक मैनेजर के तौर पर जाना था लेकिन सीओए प्रमुख विनोद राय ने इस पर रोक लगा दी क्योंकि उन्हें लगता था कि यह राज्य इकाइयों के अधिकारियों को घुमाने का तरीका था। कनमादिकर इसे नहीं भूले हैं और यह उनका बदला लेने का तरीका है।'
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